भारी बारिश से गुजरात में कपास उत्पादन घटने की आशंका
By ashish wagh 2024-09-09 20:26:13
गुजरात में भारी बारिश से कपास उत्पादन प्रभावित, 10–15% गिरावट की आशंका
गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश ने कपास किसानों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। खेतों में जलभराव और तेज पानी के बहाव के कारण फसलों को नुकसान हो रहा है। Cotton Association of India (CAI) और किसानों के अनुमानों के अनुसार, कम बुवाई और प्रतिकूल मौसम के चलते इस वर्ष राज्य में कपास उत्पादन में 10 से 15 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है।
रकबे में कमी और उत्पादन पर असर
कृषि विभाग के अनुसार, 2 सितंबर तक गुजरात में कपास का रकबा घटकर 23.62 लाख हेक्टेयर रह गया है, जो पिछले वर्ष के 26.79 लाख हेक्टेयर से लगभग 12 प्रतिशत कम है। पहले 2023-24 सीजन के लिए उत्पादन का अनुमान करीब 92 लाख गांठ था, लेकिन भारी बारिश के कारण इसमें और कमी आने की आशंका जताई जा रही है।
बाजार में कीमतों में तेजी
व्यापारियों के अनुसार, पुराने सीजन का स्टॉक लगभग समाप्त हो चुका है, जिससे बाजार में आवक सीमित हो गई है। इसके बावजूद पिछले 15 दिनों में कपास की कीमतों में ₹200 से ₹2,000 प्रति कैंडी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्तमान में कपास के दाम ₹57,500 से बढ़कर ₹59,500 प्रति कैंडी (356 किलोग्राम) तक पहुंच गए हैं।
गुजरात में रोजाना आवक 1,500 से 1,700 गांठ के बीच है, जबकि देशभर में यह 5,000 से 6,000 गांठ के आसपास बनी हुई है।
बारिश से फसल को नुकसान
CAI के अनुसार, जून में लगभग 10 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी और अगस्त की शुरुआत तक फसल की स्थिति संतोषजनक थी। लेकिन 15 अगस्त के बाद हुई तेज बारिश से कई क्षेत्रों में 15 से 25 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। हालांकि, जुलाई-अगस्त में बोई गई नई फसल अपेक्षाकृत सुरक्षित मानी जा रही है।
देशभर में घटा रकबा
आमतौर पर देश में 125–130 लाख हेक्टेयर में कपास की खेती होती है, लेकिन इस वर्ष पंजाब, हरियाणा, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख राज्यों में कुल रकबा घटकर लगभग 111 लाख हेक्टेयर रह गया है, जो पिछले वर्ष के 123 लाख हेक्टेयर से कम है।