भारत का टेक्सटाइल उद्योग 2030 तक $350 बिलियन के लक्ष्य की ओर
By yash chouhan 2026-06-13 13:02:45
2030 तक 350 अरब डॉलर के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा भारत का टेक्सटाइल उद्योग: गिरिराज सिंह
केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने गुरुवार को कहा कि भारत का टेक्सटाइल उद्योग वर्ष 2025-26 तक लगभग 190 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है और 2030 तक 350 अरब डॉलर के लक्ष्य को हासिल करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में इस क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे यह देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन का प्रमुख आधार बनकर उभरा है।
मंत्री के अनुसार, घरेलू टेक्सटाइल बाजार 2014-15 में लगभग 6 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 16 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। वहीं, टेक्सटाइल और परिधान क्षेत्र वर्तमान में 5.3 करोड़ से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान कर रहा है। आने वाले तीन वर्षों में इस क्षेत्र से करीब 2 करोड़ अतिरिक्त रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘5F’ विजन—‘फार्म टू फाइबर’, ‘फाइबर टू फैक्ट्री’, ‘फैक्ट्री टू फैशन’ और ‘फैशन टू फॉरेन’—ने किसानों, बुनकरों, कारीगरों, निर्माताओं और निर्यातकों को जोड़ते हुए एक मजबूत और एकीकृत मूल्य श्रृंखला विकसित की है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने टेक्सटाइल क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए PM MITRA पार्क, प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना, नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल्स मिशन (NTTM), टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन (TEEM), नेशनल फाइबर मिशन और रॉ मटेरियल सपोर्ट स्कीम (RMSS) जैसी कई प्रमुख पहलें शुरू की हैं। ये योजनाएं निवेश, तकनीकी नवाचार, स्थिरता और निर्यात प्रतिस्पर्धा को मजबूत कर रही हैं।
सिंह ने कहा कि कपास किसानों के समर्थन और उद्योग को पर्याप्त कच्चा माल उपलब्ध कराने के लिए कॉटन प्रोडक्टिविटी मिशन शुरू किया गया है तथा कपास पर आयात शुल्क हटाया गया है। इसके अलावा, RoSCTL और RoDTEP जैसी योजनाओं के माध्यम से निर्यात को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत का एफटीए नेटवर्क 2014 में 19 देशों के साथ 10 समझौतों से बढ़कर अब 56 देशों के साथ 18 समझौतों तक पहुंच चुका है, जिससे निर्यात और निवेश के नए अवसर पैदा हुए हैं।