रकबा घटा, फिर भी 2025-26 में कपास उत्पादन बढ़ने के आसार

By shruti 2025-09-18 23:20:09
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प्रमुख राज्यों में रकबा घटने के बावजूद 2025-26 में भारत का कपास उत्पादन बढ़ने की उम्मीद


अक्टूबर से शुरू होने वाले 2025-26 सीज़न में भारत का कपास उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ने का अनुमान है। हालांकि महाराष्ट्र और गुजरात जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में रकबा कम हुआ है और अगस्त की भारी बारिश से कुछ क्षेत्रों में फसल को नुकसान पहुंचा है।


राज्यवार स्थिति
गुजरात में कपास का रकबा 23.66 लाख हेक्टेयर से घटकर 20.82 लाख हेक्टेयर रह गया है, जबकि महाराष्ट्र में यह 40.81 से घटकर 38.44 लाख हेक्टेयर हुआ है। दूसरी ओर, तेलंगाना में रकबा 18.11 से बढ़कर 18.51 लाख हेक्टेयर और कर्नाटक में 7.79 से बढ़कर 8.08 लाख हेक्टेयर हो गया है। आंध्र प्रदेश में मामूली गिरावट के साथ रकबा 4.13 से घटकर 3.77 लाख हेक्टेयर रहा।


उत्पादन अनुमान
व्यापार संगठनों के अनुसार, 2025-26 में भारत का कपास उत्पादन 325 से 340 लाख गांठ (प्रत्येक 170 किलोग्राम) तक पहुंच सकता है, जो चालू सीज़न के लगभग 312 लाख गांठ से अधिक होगा। कर्नाटक में उत्पादन 24 से बढ़कर 30 लाख गांठ, आंध्र प्रदेश में 12.5 से बढ़कर 17 लाख गांठ और तेलंगाना में 50 से बढ़कर 53–55 लाख गांठ तक पहुंचने की संभावना है। दक्षिण भारत का कुल उत्पादन 105 लाख गांठ तक पहुंच सकता है, जो पिछले साल के 88 लाख गांठ से काफी अधिक है।


बाज़ार पर असर
दशहरा तक कपास की दैनिक आवक 30–35 हजार गांठ तक पहुंचने की उम्मीद है, जो वर्तमान स्तर से काफी अधिक है। हालांकि बढ़ते उत्पादन और आयात के कारण कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। कच्चे कपास के दाम अभी MSP (₹5,500–7,000 प्रति क्विंटल) से नीचे चल रहे हैं, जबकि उत्तर भारत में बारिश से गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है।

केंद्र सरकार ने कपड़ा उद्योग को राहत देने के लिए वर्ष के अंत तक कपास पर 11% आयात शुल्क हटा दिया है, जिससे 2024-25 में आयात बढ़कर 41 लाख गांठ तक पहुंच गया। अक्टूबर–दिसंबर तिमाही में ही 20 लाख गांठ से अधिक आयात होने की संभावना है।


CCI की तैयारी
Cotton Corporation of India MSP पर बड़े पैमाने पर खरीद के लिए तैयार है और 1 अक्टूबर से उत्तर भारत में 550 केंद्रों के माध्यम से खरीद शुरू करेगी। पिछले वर्ष करीब 1 करोड़ गांठ खरीदने वाली CCI के पास इस बार लगभग 12 लाख गांठ का स्टॉक मौजूद है।


वैश्विक परिदृश्य
United States Department of Agriculture के अनुसार, भारत का उत्पादन बढ़ने के साथ आयात घटकर 35.8 लाख गांठ और निर्यात बढ़कर 16.64 लाख गांठ हो सकता है। वहीं International Cotton Advisory Committee का अनुमान है कि वैश्विक कपास उत्पादन 25.9 मिलियन टन से घटकर 25.5 मिलियन टन रह सकता है, क्योंकि अमेरिका, पाकिस्तान और सूडान में मौसम और कीटों का असर पड़ा है।


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