राजस्थान और पंजाब के प्रतिनिधियों ने भी चेतावनी दी कि यदि यह नियम लागू हुआ तो सैकड़ों जिनिंग इकाइयों पर असर पड़ेगा, जिससे लाखों लोगों की रोज़ी-रोटी पर संकट आ सकता है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के किसी भी देश में कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग पर ऐसे अनिवार्य मानक लागू नहीं हैं।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कोई भी जिनर CCI के टेंडर में भाग नहीं लेगा और 1 नवंबर 2023 से देशभर में हड़ताल शुरू की जाएगी, जिसमें न खरीद होगी, न प्रोसेसिंग और न ही बिक्री।
जिनर्स ने सरकार से मांग की है कि इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाए, अन्यथा कपास उद्योग में व्यापक ठहराव आ सकता है, जिसका सीधा असर किसानों, मजदूरों और व्यापार पर पड़ेगा।