केंद्र सरकार ने कॉटन बेल्स (क्वालिटी कंट्रोल) ऑर्डर (QCO), 2023 को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। कपड़ा मंत्रालय द्वारा 9 जून 2026 को जारी अधिसूचना के साथ उस गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था का अंत हो गया है, जिसे लागू करने का प्रयास पिछले तीन वर्षों से चल रहा था, लेकिन उद्योग के विरोध और व्यावहारिक चुनौतियों के कारण इसे कभी लागू नहीं किया जा सका।
कॉटन बेल्स QCO को 28 फरवरी 2023 को ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) अधिनियम के तहत अधिसूचित किया गया था। इसके तहत घरेलू बाजार में बेची जाने वाली सभी कॉटन बेल्स के लिए भारतीय मानक IS 12171:2019 के अनुरूप BIS प्रमाणन अनिवार्य किया जाना था। हालांकि, निर्यात के लिए तैयार की जाने वाली कॉटन बेल्स और विदेशी खरीदारों की विशेष आवश्यकताओं के अनुसार बनाए गए उत्पादों को इस नियम से छूट दी गई थी।
सरकार ने QCO को लागू करने से पहले उद्योग को 180 दिनों का संक्रमणकाल दिया था। लेकिन जिनिंग उद्योग की ओर से लगातार उठाई गई चिंताओं के कारण इसकी प्रभावी तिथि कई बार आगे बढ़ाई गई। जुलाई 2025 में जारी अधिसूचना के तहत इसकी समय-सीमा 27 अगस्त 2025 से बढ़ाकर 27 अगस्त 2026 कर दी गई थी। इससे पहले भी आदेश के क्रियान्वयन को टाला जा चुका था।
उद्योग संगठनों, विशेष रूप से कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CAI), ने तर्क दिया था कि BIS मानकों का पालन करने के लिए जिनिंग इकाइयों को आधुनिक मशीनरी और गुणवत्ता नियंत्रण प्रणालियों में भारी निवेश करना पड़ेगा। अधिकांश जिनिंग इकाइयाँ MSME श्रेणी में आती हैं और सीमित संसाधनों के कारण उनके लिए निर्धारित समय में इन मानकों को अपनाना आसान नहीं था। उद्योग का कहना था कि नमी, अशुद्धियों और कचरे के स्तर से संबंधित मानकों का अनुपालन करने के लिए व्यापक तकनीकी उन्नयन की आवश्यकता होगी।
सरकार ने इन आपत्तियों को देखते हुए कई बार समय-सीमा बढ़ाई, लेकिन अंततः आदेश को पूरी तरह निरस्त करने का फैसला लिया। मंत्रालय की ताजा अधिसूचना में रद्द करने के कारणों का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया है। इसमें केवल इतना कहा गया है कि भारतीय मानक ब्यूरो के साथ विचार-विमर्श के बाद जनहित में यह निर्णय लिया गया है।