फसल को बचाने के लिए पंजाब के अंतरिम मुख्यमंत्री मोहसिन नकवी, प्रांतीय मंत्री एस.एम. तनवीर, एपीटीएमए और अन्य संबंधित संस्थाएं मिलकर प्रयास कर रही हैं।
कीमतों की बात करें तो सिंध में कपास 18,500 से 19,000 रुपये प्रति मन, जबकि फूटी 8,000 से 9,000 रुपये प्रति 40 किलो के बीच रही। पंजाब में कपास 19,000 से 19,500 रुपये प्रति मन और फूटी 8,500 से 9,300 रुपये प्रति 40 किलो रही। बलूचिस्तान में कपास 18,500 से 18,800 रुपये प्रति मन और फूटी 8,500 से 9,300 रुपये प्रति 40 किलो के बीच दर्ज की गई। वहीं खल, बनौला और तेल की कीमतों में नरमी का रुख देखा गया।
कराची कॉटन एसोसिएशन की स्पॉट रेट कमेटी ने हाजिर दर में 1,000 रुपये की बढ़ोतरी कर इसे 19,000 रुपये प्रति मन पर तय किया।
विशेषज्ञों ने मौसम विभाग की सटीक और समय पर पूर्वानुमान देने में विफलता को कृषि नुकसान का एक बड़ा कारण बताया। उनका कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग के चलते दुनिया भर में मौसम पूर्वानुमान तकनीक को उन्नत किया गया है, लेकिन पाकिस्तान में इस दिशा में पर्याप्त सुधार नहीं हुआ।
सरकार ने 2023-24 को ‘कपास वर्ष’ घोषित किया था और इस साल 10 मिलियन गांठ उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। 15 सितंबर तक उत्पादन 3.8 मिलियन गांठ रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 2.2 मिलियन गांठ से काफी अधिक है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कई क्षेत्रों में बारिश शुरू हो चुकी है, जिससे उम्मीद है कि सफेद मक्खी के प्रकोप को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।