बेहतर बारिश से खरीफ बुवाई में आएगी तेजी: शिवराज सिंह चौहान
2026-07-10 11:59:49
बारिश में सुधार से खरीफ बुवाई को मिलेगी रफ्तार: शिवराज सिंह चौहान
नई दिल्ली, 8 जुलाई 2026: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि देश में मॉनसून की स्थिति में सुधार हो रहा है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आने की उम्मीद है। बुधवार को नई दिल्ली में अल-नीनो की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद उन्होंने बताया कि जून में वर्षा की कमी 33 प्रतिशत थी, जो जुलाई में घटकर 24 प्रतिशत रह गई है। हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने से कम वर्षा वाले जिलों की संख्या भी 262 से घटकर 178 रह गई है।
कृषि मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सरकार पूरी तैयारी, स्पष्ट रणनीति और ज़मीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई के साथ स्थिति का सामना कर रही है। मंत्रालय के अनुसार, चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं, लेकिन उनके प्रभाव को कम करने के लिए पूरा तंत्र पहले से सक्रिय है।
मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, बिहार, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में वर्षा और खरीफ बुवाई की स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए है। उन्होंने विश्वास जताया कि जुलाई में वर्षा में और सुधार होगा, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि अब तक देश में 350.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 91.95 लाख हेक्टेयर कम है। उन्होंने कहा कि मॉनसून के देर से आने का सबसे अधिक असर सोयाबीन और कपास की बुवाई पर पड़ा है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे देर से हुई बारिश की स्थिति को देखते हुए कम अवधि में तैयार होने वाली तथा कम पानी की आवश्यकता वाली फसलें, जैसे मक्का, बाजरा और मूंग की खेती करें, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके।
मंत्री ने बताया कि सरकार ने इस चुनौती से निपटने की तैयारी अप्रैल से ही शुरू कर दी थी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के सहयोग से संभावित रूप से प्रभावित जिलों के लिए आपातकालीन कार्ययोजनाएं तैयार कर समय रहते राज्य सरकारों के साथ साझा की गईं। इसके अलावा, जून में चलाए गए 'खेत बचाओ अभियान' के तहत देशभर में 1.24 लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से 80 लाख से अधिक किसानों तक सीधे पहुंच बनाई गई।