TEXPROCIL पुरस्कार समारोह में भारत के 100 बिलियन डॉलर कपड़ा निर्यात लक्ष्य पर जोर
TEXPROCIL द्वारा मुंबई में आयोजित TEXPROCIL निर्यात पुरस्कार 2023–24 समारोह में भारत के सूती कपड़ा निर्यात क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले निर्यातकों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री Nirmala Sitharaman ने की। समारोह में निर्यात प्रदर्शन, रोजगार सृजन, नवाचार, ESG पहलों और ई-कॉमर्स में उत्कृष्ट योगदान देने वाले निर्यातकों को TEXPROCIL पुरस्कार प्रदान किए गए।
इस अवसर पर वित्त मंत्री ने “एडवांस्ड सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन इंटरनेशनल ट्रेड” (ACPIT) का शुभारंभ भी किया। TEXPROCIL की यह पहल भारत के निर्यात तंत्र को मजबूत करने और वैश्विक व्यापार प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। यह कार्यक्रम विभिन्न सरकारी योजनाओं और नीतिगत पहलों के अनुरूप तैयार किया गया है।
अपने संबोधन में श्रीमती सीतारमण ने “खेत से रेशे तक, कारखाने से फैशन तक और विदेशी बाजारों तक” पूरी कपड़ा मूल्य श्रृंखला को सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने भारत की प्राचीन बुनाई और कपड़ा परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विरासत आज भी देश की वैश्विक पहचान को मजबूत कर रही है। उन्होंने 2030 तक भारत के कपड़ा निर्यात को 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर और कुल कपड़ा उत्पादन को 250 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य को दोहराया।
वित्त मंत्री ने बताया कि भारत वर्तमान में विश्व का छठा सबसे बड़ा कपड़ा निर्यातक है। यह क्षेत्र प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग छह करोड़ लोगों को रोजगार देता है, GDP में लगभग 2.3 प्रतिशत योगदान करता है और कुल निर्यात आय में लगभग 12 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है।
Vijay Agarwal, अध्यक्ष, TEXPROCIL ने कहा कि परिषद से जुड़े 2,000 निर्यातक लगभग 11 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निर्यात में योगदान देते हैं और करीब 3.5 करोड़ लोगों की आजीविका का आधार हैं। उन्होंने “कस्तूरी कॉटन” ब्रांड के माध्यम से भारत की सतत कपड़ा पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
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