मानसून का इंतज़ार जारी, बादलों ने जगाई बारिश की उम्मीद
इंदौर। दक्षिण-पश्चिम मानसून के अभी तक मध्य प्रदेश में प्रवेश नहीं करने से इंदौर संभाग के किसान खरीफ़ फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त वर्षा का इंतज़ार कर रहे हैं। हालांकि पिछले कुछ दिनों से आसमान में रुई जैसे सफेद बादलों की मौजूदगी ने मौसम में बदलाव के संकेत दिए हैं और बारिश की उम्मीदों को बल मिला है।
हाल के दिनों में शहर के ऊपर छाए बादल बढ़ती नमी और प्री-मानसून गतिविधियों का संकेत दे रहे हैं। यद्यपि इन बादलों से उल्लेखनीय वर्षा नहीं हुई है, लेकिन तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। खरीफ़ सीजन के लिए खेत तैयार कर चुके किसान अब मौसम के अगले रुख पर नजर बनाए हुए हैं।
आंकड़ों पर नजर डालें तो इंदौर में मानसून का देर से पहुंचना कोई असामान्य स्थिति नहीं है। पिछले 20 वर्षों में 13 बार मानसून 20 जून के बाद शहर पहुंचा है। वर्ष 2021 में मानसून सबसे जल्दी 11 जून को आया था, जबकि 2013 और 2014 में इसकी दस्तक सबसे देर से 10 जुलाई को हुई थी। अधिकांश वर्षों में मानसून जून के अंतिम सप्ताह के दौरान इंदौर पहुंचा है।
शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक था। तापमान में पिछले दिन की तुलना में हल्की कमी आने के बावजूद लगातार बादल छाए रहने से लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। दिन के समय दक्षिण-पश्चिमी हवाओं की गति 52 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई।
जून माह में अब तक इंदौर में केवल 55.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत से काफी कम है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार खरीफ़ फसलों की व्यापक बुवाई शुरू करने के लिए कम से कम चार इंच बारिश आवश्यक है।
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, “आसमान में बादलों की मौजूदगी और बढ़ती नमी मौसम में बदलाव के संकेत हैं। मानसून भले ही धीमी गति से आगे बढ़ रहा हो, लेकिन अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। आने वाले दिनों में क्षेत्र में वर्षा गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना है।”
फिलहाल मानसून की उत्तरी सीमा अरब सागर, महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों से होकर गुजर रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले तीन से चार दिनों के दौरान तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के अन्य हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
ऐसे में किसानों के साथ-साथ आम नागरिकों की निगाहें भी आसमान पर टिकी हुई हैं। सभी को उम्मीद है कि उमड़-घुमड़ रहे बादल जल्द ही अच्छी बारिश लेकर आएंगे और मानसून की प्रतीक्षा समाप्त होगी।