अल नीनो की चिंता के बीच खरीफ बुवाई में तेजी, धान और ‘श्री अन्न’ ने दिखाई मजबूत बढ़त
अल नीनो जैसी मौसम संबंधी चुनौतियों और मॉनसून को लेकर अनिश्चितताओं के बावजूद देश में खरीफ फसलों की बुवाई उत्साहजनक रफ्तार से आगे बढ़ रही है। कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 19 जून तक खरीफ फसलों का कुल रकबा 119.90 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि के 117.95 लाख हेक्टेयर की तुलना में 1.7 प्रतिशत अधिक है। इससे संकेत मिलता है कि किसानों ने मौसम संबंधी आशंकाओं के बावजूद बुवाई गतिविधियों को जारी रखा है।
कपास की बुवाई में बड़ी गिरावट
दूसरी ओर, कपास की खेती इस बार कमजोर नजर आ रही है। 19 जून तक कपास का रकबा 17.13 लाख हेक्टेयर रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 22.82 लाख हेक्टेयर था। यानी करीब 5.69 लाख हेक्टेयर की गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी प्रमुख वजह मौसम नहीं बल्कि बाजार और नीति संबंधी कारक हैं। कॉटन पर आयात शुल्क शून्य किए जाने से किसानों को बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद कम हुई है, जिसका असर बुवाई पर पड़ा है।
तिलहन फसलों में भी नरमी
तिलहन फसलों का कुल रकबा घटकर 7.24 लाख हेक्टेयर रह गया है, जो पिछले साल 8.11 लाख हेक्टेयर था। सोयाबीन की खेती में 1.20 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई है, जबकि तिल के रकबे में भी हल्की गिरावट देखी गई है।
आगे की बारिश तय करेगी तस्वीर
कुल मिलाकर खरीफ 2026 सीजन की शुरुआत सकारात्मक संकेत दे रही है। अल नीनो और कमजोर मॉनसून की आशंकाओं के बावजूद किसानों ने बुवाई की गति बनाए रखी है। हालांकि आने वाले हफ्तों में होने वाली बारिश ही यह तय करेगी कि यह शुरुआती बढ़त पूरे सीजन में कितनी टिकाऊ साबित होती है।