मजबूत मानसून से महाराष्ट्र में खरीफ बुवाई तेज, एक सप्ताह में 20% से 45% पहुंचा रकबा
2026-07-11 11:22:45
मजबूत मॉनसून से महाराष्ट्र में खरीफ बुआई को रफ्तार, एक हफ्ते में कवरेज 20% से बढ़कर 45%
नासिक: महाराष्ट्र में सक्रिय मॉनसून और लगातार हो रही अच्छी बारिश ने खरीफ फसलों की बुआई को तेज़ गति दे दी है। राज्य कृषि विभाग के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 1 जुलाई को जहां खरीफ बुआई कुल रकबे के 20% तक सीमित थी, वहीं 7 जुलाई तक यह बढ़कर 45% हो गई। अधिकारियों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश का मौजूदा क्रम बना रहा तो बुआई का कार्य और तेज़ी से आगे बढ़ेगा।
राज्य के औसत 1.44 करोड़ हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र (गन्ने को छोड़कर) में अब तक करीब 65 लाख हेक्टेयर में बुआई पूरी हो चुकी है। डिवीजनवार आंकड़ों में अमरावती सबसे आगे है, जहां 58% क्षेत्र में बुआई हो चुकी है। इसके बाद छत्रपति संभाजीनगर में 53% और नासिक डिवीजन में 50% बुआई दर्ज की गई है।
नासिक डिवीजन, जिसमें नासिक, धुले, जलगांव और नंदुरबार जिले शामिल हैं, में हालिया बारिश के बाद बुआई में उल्लेखनीय तेजी देखी गई। यहां 20.33 लाख हेक्टेयर के औसत खरीफ क्षेत्र में से लगभग 10.24 लाख हेक्टेयर में बुआई पूरी हो चुकी है। दूसरी ओर, कोंकण क्षेत्र में बुआई की गति अभी धीमी बनी हुई है और 3.92 लाख हेक्टेयर के औसत क्षेत्र में केवल 4% बुआई हुई है। पुणे डिवीजन में 28% और कोल्हापुर डिवीजन में 22% क्षेत्र में बुआई पूरी हुई है।
महाराष्ट्र में सोयाबीन, कपास, मक्का, धान, ज्वार, बाजरा, मूंग और उड़द प्रमुख खरीफ फसलें हैं। इनमें सोयाबीन और कपास का दबदबा बना हुआ है, जो मिलकर राज्य के कुल खरीफ रकबे का 62% से अधिक हिस्सा घेरते हैं। सोयाबीन की बुआई 47.21 लाख हेक्टेयर के अनुमानित क्षेत्र में से 23.58 लाख हेक्टेयर यानी लगभग 50% में पूरी हो चुकी है। वहीं, कपास की बुआई 42.47 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले 25.38 लाख हेक्टेयर यानी करीब 60% क्षेत्र में पूरी हो चुकी है।
मक्का की बुआई भी अच्छी प्रगति पर है और अब तक 9.33 लाख हेक्टेयर के अनुमानित क्षेत्र में से 5.71 लाख हेक्टेयर (61%) में बुआई हो चुकी है। हालांकि, धान की रोपाई अभी शुरुआती चरण में है और 15.02 लाख हेक्टेयर के अनुमानित क्षेत्र में से केवल 1.40 लाख हेक्टेयर (9%) में ही रोपाई पूरी हुई है।
1 जून से 7 जुलाई के बीच महाराष्ट्र में 290.7 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य 282.3 मिमी का 103% है। कृषि विभाग का मानना है कि सामान्य से बेहतर बारिश का यही सिलसिला जारी रहा तो खरीफ सीजन में बुआई समय पर पूरी होने के साथ उत्पादन की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।