नई दिल्ली स्थित वस्त्र मंत्रालय में सचिव श्रीमती पद्मिनी सिंगला की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारतीय कपास निगम (CCI) के अध्यक्ष श्री लतील गुप्ता तथा देशभर के प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों के जिनर्स एसोसिएशनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक के दौरान श्रीमती सिंगला ने उद्योग से जुड़े सुझावों और चिंताओं को गंभीरता से सुना और एक सकारात्मक तथा दूरदर्शी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। जिनर्स से संबंधित अधिकांश विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई, जबकि कुछ मुद्दों पर आगे और विचार-विमर्श की आवश्यकता जताई गई।
बैठक के मुख्य निष्कर्ष:
1. सीसीआई (CCI) कपास लिंट मानकों की पुनः समीक्षा कर उन्हें अधिक व्यावहारिक बनाएगा।
2. ब्लैकलिस्टिंग की प्रावधानों को बड़े पैमाने पर समाप्त किया जाएगा।
3. संशोधित एवं अद्यतन शर्तों के आधार पर नए टेंडर जारी होंगे।
4. जिनर्स एसोसिएशनों से L1 एवं अन्य बोलीदाताओं के मूल्यांकन हेतु एक मसौदा ढाँचा प्रस्तुत करने का अनुरोध किया गया।
यह बैठक अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई और सभी हितधारकों द्वारा सराही गई। विशेष रूप से, पहली बार देश के विभिन्न जिनर्स एसोसिएशन एक मंच पर आकर अपनी समस्याओं और सुझावों को सामूहिक रूप से सामने रख सके।
बैठक में सम्मिलित एसोसिएशन:
* महाराष्ट्र कॉटन जिनर्स एसोसिएशन
* विदर्भ कॉटन एसोसिएशन
* मराठवाड़ा कॉटन एसोसिएशन
* खंडेश कॉटन एसोसिएशन
* तेलंगाना कॉटन एसोसिएशन
* सौराष्ट्र कॉटन एसोसिएशन
* नॉर्थ इंडिया कॉटन एसोसिएशन
* अपर राजस्थान कॉटन एसोसिएशन
* मध्यांचल कॉटन एसोसिएशन
* पंजाब कॉटन एसोसिएशन
* हरियाणा कॉटन एसोसिएशन
* ओडिशा कॉटन एसोसिएशन
* आंध्र प्रदेश कॉटन एसोसिएशन
सभी एसोसिएशनों ने श्रीमती पद्मिनी सिंगला के नेतृत्व और उनके दूरदर्शी दृष्टिकोण की सराहना की। उपस्थित प्रतिनिधियों का मानना था कि यह बैठक उद्योग के लिए आश्वासन देने वाली और ठोस समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही।