राजस्थान ने 2030 तक वस्त्र निर्यात चार गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा, विशेष एक्शन प्लान तैयार

2026-07-15 12:43:19
First slide


2030 तक राजस्थान का टेक्सटाइल निर्यात 4 गुना बढ़ाने का लक्ष्य, सरकार ने तैयार की विशेष कार्ययोजना

राजस्थान सरकार ने टेक्सटाइल और अपैरल सेक्टर को राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बनाने के लिए बड़े स्तर पर योजनाएं शुरू की हैं। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की मंशा के अनुरूप उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने सेक्टर आधारित करीब 15 नई नीतियां लागू की हैं। इसी कड़ी में राजस्थान टेक्सटाइल एवं अपैरल नीति-2025 के बेहतर क्रियान्वयन और निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तरीय डेडिकेटेड टेक्सटाइल सेल का गठन किया गया है।

राज्य में पहली बार टेक्सटाइल निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश स्तरीय और 11 जिलों के लिए जिला स्तरीय टेक्सटाइल एक्सपोर्ट एक्शन प्लान तैयार किया गया है। इस योजना में भारत सरकार द्वारा चिन्हित 7 चैंपियन जिले—अजमेर, भीलवाड़ा, जयपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, जोधपुर और कोटा—के अलावा चार एस्पिरेशनल जिले श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, नागौर और चूरू शामिल किए गए हैं।

उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त नीलाभ सक्सेना ने बताया कि टेक्सटाइल सेल राज्य में उद्योगों की जरूरतों को समझने और उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए काम करेगा। सेल औद्योगिक क्षेत्रों का नियमित दौरा कर उत्पादन और निर्यात से जुड़ी बाधाओं की पहचान करेगा। इसके साथ ही उद्योग विशेषज्ञों, उद्यमियों और निर्यातकों के साथ संवाद कर समाधान तैयार किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि सेल देश-विदेश के प्रमुख टेक्सटाइल केंद्रों का अध्ययन करेगा और नवीनतम तकनीकों की जानकारी उद्योगों तक पहुंचाएगा। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय टेक्सटाइल प्रदर्शनियों में राजस्थान की भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्र से जुड़े आंकड़ों का संग्रह और विश्लेषण भी किया जाएगा। इसी वर्ष अक्टूबर में दो दिवसीय टेक्सटाइल समिट आयोजित करने का प्रस्ताव भी है।

राज्य सरकार ने राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) के तहत टेक्सटाइल क्षेत्र को थ्रस्ट सेक्टर घोषित किया है, जिसके तहत उद्योगों को अतिरिक्त प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।

सक्सेना के अनुसार, भारत सरकार ने वर्ष 2030 तक वस्त्र एवं परिधान निर्यात को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में राजस्थान ने अपने टेक्सटाइल निर्यात को 3 से 4 गुना बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

वर्ष 2024-25 में राजस्थान से कुल निर्यात 97,171 करोड़ रुपये से अधिक रहा, जिसमें टेक्सटाइल और इससे जुड़े क्षेत्रों का योगदान लगभग 13,500 करोड़ रुपये रहा। यह राज्य के कुल निर्यात का 13 प्रतिशत से अधिक है।

राजस्थान ऊन उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है और करीब 47 प्रतिशत योगदान देता है, जबकि कपास उत्पादन में पांचवें स्थान पर है। प्रदेश में वर्तमान में 1,800 से अधिक टेक्सटाइल और अपैरल इकाइयां संचालित हैं। हैंडब्लॉक प्रिंटिंग, पारंपरिक तकनीकों और विविध वस्त्र उत्पादों के कारण राजस्थान का टेक्सटाइल उद्योग अंतरराष्ट्रीय बाजार में विशेष पहचान रखता है। सरकार अब निवेश, तकनीक और निर्यात विस्तार के जरिए इस क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर और मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।


और पढ़ें :- अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 3 पैसे मजबूत होकर 96.17 पर खुला





Regards
Team Sis
Any query plz call 9111677775

https://wa.me/919111677775

Application Download
Whatsapp Contact