भारत पर नए अमेरिकी टैरिफ का खतरा, दिल्ली में जारी व्यापार वार्ता

2026-06-03 17:59:48
First slide


भारत सहित 60 देशों पर नए अमेरिकी टैरिफ़ की तैयारी, व्यापार वार्ता के बीच दिल्ली में अमेरिकी टीम सक्रिय


अमेरिका कम से कम 60 व्यापारिक साझेदार देशों पर नए आयात शुल्क (टैरिफ़) लगाने की तैयारी कर रहा है, जिनमें भारत भी शामिल है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन उन देशों के खिलाफ कार्रवाई पर विचार कर रहा है, जिन पर जबरन मज़दूरी (forced labour) से जुड़े उत्पादों के आयात को रोकने में विफल रहने का आरोप है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित टैरिफ़ 10 प्रतिशत से 12.5 प्रतिशत के बीच हो सकते हैं। कनाडा, मेक्सिको, ताइवान और यूनाइटेड किंगडम पर 10 प्रतिशत जबकि भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्राज़ील और स्विट्ज़रलैंड जैसे देशों पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव है।


ये शुल्क तुरंत लागू नहीं होंगे। पहले इन पर सार्वजनिक राय ली जाएगी और समीक्षा प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद ही अंतिम निर्णय होगा। यदि यह लागू होते हैं, तो यह कदम ट्रंप प्रशासन को उन कानूनी सीमाओं से आगे निकलने में मदद कर सकता है, जो हाल के सुप्रीम कोर्ट फैसलों के बाद टैरिफ़ नीतियों पर लगाई गई थीं।


यह पूरी प्रक्रिया अमेरिकी ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 के तहत शुरू की गई जांच का हिस्सा है। इस जांच में यह आकलन किया गया कि क्या व्यापारिक साझेदार देशों ने जबरन मज़दूरी से बने उत्पादों के आयात पर पर्याप्त रोक लगाई है या नहीं। USTR के अनुसार, 54 अर्थव्यवस्थाएं इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही हैं, जिनमें भारत सहित कई प्रमुख देश शामिल हैं।


USTR अधिकारियों ने कहा है कि यह स्थिति अमेरिकी श्रमिकों के लिए वैश्विक व्यापार में असमान प्रतिस्पर्धा पैदा करती है। हालांकि प्रस्तावित टैरिफ़ में कुछ छूट भी शामिल हैं, जैसे बीफ़, कॉफ़ी, कुछ फल और मेवे तथा USMCA नियमों के तहत आने वाले कनाडा-मेक्सिको के उत्पाद।


इसी बीच, अमेरिकी व्यापार टीम मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच के नेतृत्व में नई दिल्ली में भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत कर रही है। भारतीय पक्ष का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन कर रहे हैं। दोनों देश बाज़ार पहुंच, टैरिफ़ कटौती, गैर-टैरिफ बाधाएं और आर्थिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।


फरवरी में हुए संयुक्त बयान के अनुसार, अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ़ घटाकर लगभग 18 प्रतिशत करने पर विचार कर रहा है। यदि यह समझौता आगे बढ़ता है तो यह भारत के निर्यातकों के लिए राहत का संकेत हो सकता है, जो पहले उच्च टैरिफ़ के दबाव का सामना कर रहे थे।


और पढ़ें :- रुपया डॉलर के मुकाबले 26 पैसे गिरकर 95.71 पर बंद हुआ।

Regards
Team Sis
Any query plz call 9111677775

https://wa.me/919111677775

Copyright© 2023 | Smart Info Service
Application Download