News Details

ब्यावर में कपास की खेती की ओर बढ़ा किसानों का रुझान, बुवाई में तेजी

2026-06-17 13:43:09
First slide


नकद फसल कपास की ओर बढ़ा किसानों का रुझान, जिले में बुवाई ने पकड़ी रफ्तार

ब्यावर जिले में इस वर्ष किसानों का रुझान तेजी से कपास की खेती की ओर बढ़ रहा है। मानसून की आहट और अनुकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए किसानों ने कपास की बुवाई शुरू कर दी है। कृषि विभाग ने चालू खरीफ सीजन में जिलेभर में 3 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में कपास की बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब 1,950 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई पूरी हो चुकी है, जिससे लक्ष्य की ओर तेजी से प्रगति दिखाई दे रही है।

जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कपास का रकबा लगातार बढ़ रहा है। जैतारण, बिजयनगर और ब्यावर के आसपास के ग्रामीण इलाकों में किसान बड़ी संख्या में कपास की खेती अपना रहे हैं। बाबरा, सरमालिया, सरगांव तथा पीसांगन मार्ग क्षेत्र में भी इस बार कपास की बुवाई का दायरा बढ़ा है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी दिनों में मानसून सक्रिय होने के साथ बुवाई का क्षेत्र और विस्तारित होगा तथा विभाग निर्धारित लक्ष्य तक आसानी से पहुंच सकता है।

कृषि जानकारों के अनुसार कपास किसानों के लिए एक प्रमुख नकद फसल है। अन्य फसलों की तुलना में कपास से बेहतर आर्थिक लाभ मिलने की संभावना रहती है। फसल तैयार होने पर किसानों को बाजार में अपेक्षाकृत अच्छे दाम प्राप्त होते हैं और भुगतान की व्यवस्था भी सुगम रहती है। यही कारण है कि पिछले कुछ वर्षों में किसानों का झुकाव कपास उत्पादन की ओर बढ़ा है।

ब्यावर और आसपास के अर्ध-शुष्क क्षेत्रों की जलवायु कपास उत्पादन के लिए अनुकूल मानी जाती है। कपास की बुवाई अन्य कई खरीफ फसलों की तुलना में पहले शुरू हो जाती है। इसके अलावा कपास केवल रुई उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके बीजों से तेल और खल भी तैयार की जाती है। कपास खल की पशुपालन क्षेत्र में अच्छी मांग रहती है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त होते हैं।

ब्यावर कृषि उपज मंडी के आंकड़े भी क्षेत्र में कपास की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाते हैं। वर्ष 2025 में मंडी में कपास की 9,582 क्विंटल आवक दर्ज की गई थी, जबकि वर्ष 2026 में यह बढ़कर 28,317 क्विंटल तक पहुंच गई। यह बढ़ोतरी किसानों की बढ़ती रुचि और उत्पादन क्षमता में हुए विस्तार का संकेत है।

सहायक निदेशक कृषि विभाग, ब्यावर, दिनेश कुमार के अनुसार जिले में 3 हजार हेक्टेयर में कपास बुवाई का लक्ष्य रखा गया है और वर्तमान प्रगति को देखते हुए यह लक्ष्य जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। यदि मौसम अनुकूल बना रहा और समय पर पर्याप्त वर्षा हुई तो इस बार जिले में कपास का उत्पादन भी बेहतर रहने की संभावना है।

 

और पढ़ें :- कपास अपशिष्ट कीमतों में तेजी से तमिलनाडु की OE मिलों ने 50% उत्पादन कटौती की चेतावनी दी

Regards
Team Sis
Any query plz call 9111977771

https://wa.me/919111977775

Related News

Circular

ब्यावर में कपास की खेती की ओर बढ़ा किसानों का रुझान, बुवाई में तेजी
Application Download
Whatsapp Contact