दक्षिण एशिया जैव प्रौद्योगिकी केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. भागीरथ चौधरी के अनुसार, बाढ़ और अधिक नमी के कारण कपास की गुणवत्ता निर्धारित मानकों से कम रही, जिसके चलते व्यापारियों ने कम दाम दिए। उन्होंने किसानों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए CCI से तुरंत खरीद शुरू करने की अपील की है।
मानसा के किसान और भारतीय किसान यूनियन (एकता डकौंडा) के उपाध्यक्ष बलकार सिंह ने मंडी में निजी व्यापारियों द्वारा कम दाम देने के खिलाफ विरोध जताया और MSP पर गारंटीड खरीद की मांग की है।
वहीं, व्यापारियों का कहना है कि कपास में अधिक नमी होने के कारण वे ऊंचे दाम देने में असमर्थ हैं।
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