बारिश और ब्लाइट से कपास उत्पादन आधा, MSP से नीचे बिक रही फसल
2025-10-25 18:48:42
महाराष्ट्र: भारी बारिश और ब्लाइट से कपास फसल तबाह, शेवगांव के किसान दोहरी मार झेल रहे हैं
बोधेगांव (शेवगांव तालुका) में किसानों पर प्राकृतिक आपदा का गंभीर असर देखने को मिल रहा है। लगातार भारी बारिश के कारण खरीफ सीजन की फसलें पहले ही नुकसान झेल चुकी थीं, अब कपास की फसल पर ब्लाइट (रोग) फैलने से स्थिति और बिगड़ गई है। इससे कई किसानों का कपास उत्पादन लगभग आधा रह गया है और लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।
किसानों का कहना है कि सरकारी कपास खरीद केंद्रों के समय पर शुरू न होने के कारण उन्हें मजबूरी में निजी व्यापारियों को कम दाम पर कपास बेचना पड़ रहा है। जहां सरकार का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लगभग ₹8,200 प्रति क्विंटल है, वहीं बाजार में व्यापारी ₹5,000 से ₹6,500 प्रति क्विंटल ही दे रहे हैं।
लगातार बढ़ते खर्च—जैसे बीज, खाद, कीटनाशक, मजदूरी और सिंचाई—के बीच कम दाम मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई है। किसान मांग कर रहे हैं कि Cotton Corporation of India (CCI) के माध्यम से तुरंत खरीद केंद्र शुरू किए जाएं और MSP पर खरीद सुनिश्चित की जाए।
इससे पहले भारी बारिश और बाढ़ से भी शेवगांव तालुका के किसानों को बड़ा नुकसान हुआ था। सरकार ने 78,669 किसानों के लिए ₹107.25 करोड़ का मुआवजा मंजूर किया है, जो धीरे-धीरे किसानों के खातों में जमा किया जा रहा है। हालांकि किसान इसे अपर्याप्त बता रहे हैं और अतिरिक्त राहत की मांग कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, इस समय किसान तीनहरी चुनौती का सामना कर रहे हैं—प्राकृतिक आपदा, फसल रोग और कम बाजार मूल्य—जिससे उनकी स्थिति बेहद कठिन हो गई है।