खरगोन में बारिश के डर से कपास चुनाई तेज, 28 सितंबर तक मौसम पर नजर; मंडी में आवक 50% तक घटी
खरगोन जिले में मानसून के अंतिम दौर में बारिश की संभावना ने कपास किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में तैयार कपास को बारिश से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए किसान तेजी से चुनाई कर रहे हैं। भगवानपुरा और खरगोन क्षेत्र में हाल की बारिश के बाद किसान तैयार फसल को जल्द खेत से निकालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
बारिश के डर से मंडी में कपास की आवक घटी
बारिश की आशंका का असर खरगोन मंडी में कपास की आवक पर भी दिखाई दे रहा है। स्थानीय जानकारी के अनुसार मंडी में कपास की आवक करीब 50 प्रतिशत तक घट गई है। मंडी में 33 बैलगाड़ियों और 108 वाहनों से कपास पहुंचने की जानकारी दी गई है। कपास के भाव ₹7,300 से ₹8,700 प्रति क्विंटल के बीच बताए गए हैं।
उपलब्ध मंडी रिकॉर्ड में भी सितंबर के दौरान खरगोन क्षेत्र में कपास के भाव में अलग-अलग दिनों और मंडियों के अनुसार अंतर दिखाई देता है। इसलिए भाव को किसी एक निश्चित बाजार भाव के बजाय संबंधित दिन की आवक और गुणवत्ता के अनुसार देखना उचित है।
मजदूरों की कमी से बढ़ी चुनाई की लागत
कपास चुनाई के लिए मजदूरों की कमी किसानों की परेशानी बढ़ा रही है। बारिश से पहले जल्दी चुनाई कराने के लिए किसानों को करीब ₹7 से ₹8 प्रति किलो तक मजदूरी देनी पड़ रही है। किसान सुरेश पटेल के अनुसार मजदूर आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। बारिश की संभावना के कारण जल्दी चुनाई कराने की जरूरत है, जिससे लागत बढ़ रही है।
25 से 28 सितंबर के दौरान मौसम पर नजर
आईएमडी के कृषि मौसम प्लेटफॉर्म पर 25 और 26 सितंबर के लिए बारिश की संभावना दर्ज है, जबकि 27 और 28 सितंबर को कई उपलब्ध पूर्वानुमान क्षेत्रों में बारिश कम या नगण्य दिखाई गई है। इसलिए पूरे पश्चिमी मध्य प्रदेश में 25 से 28 सितंबर तक लगातार तेज बारिश होने की बात को निश्चित तथ्य के रूप में नहीं लिखा गया है।
खरगोन में किसानों की चिंता मुख्य रूप से तैयार कपास को बारिश से बचाने और समय पर चुनाई पूरी करने को लेकर है। ऐसे में मौसम के अगले अपडेट पर किसानों और मंडी कारोबारियों की नजर बनी हुई है।
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