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खानदेश में कपास उत्पादन में भारी गिरावट, उद्योग और किसान दोनों चिंतित

2025-05-22 18:41:30
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महाराष्ट्र: खानदेश में कपास उत्पादन में तेज गिरावट, किसानों की चिंता बढ़ी


जलगांव: इस वर्ष खानदेश क्षेत्र में कपास उत्पादन में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिससे किसानों और जीनिंग उद्योग दोनों की चिंता बढ़ गई है। अनुमान के अनुसार इस सीजन (2024-25) में खानदेश में लगभग 1.8 मिलियन कपास गांठों का उत्पादन हो सकता है, जबकि सामान्य वर्षों में यह आंकड़ा 2.2 से 2.3 मिलियन गांठों तक रहता है।


जलगांव जिले में कपास की खेती में कमी और फसल रोगों के कारण उत्पादन पर असर पड़ा है। लगातार बारिश और प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों ने भी फसल को नुकसान पहुंचाया, जिससे कुल उत्पादन घट गया।


आवक में भारी गिरावट
कपास सीजन की शुरुआत से ही आवक कमजोर रही है। वर्तमान में क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 1,500 क्विंटल कपास की आवक हो रही है, जबकि पिछले वर्ष नवंबर-दिसंबर में यह औसतन 18,000 क्विंटल प्रतिदिन तक पहुंचती थी।


जीनिंग उद्योग पर असर
कपास की कम आपूर्ति के कारण जीनिंग और प्रोसेसिंग उद्योग की रफ्तार भी धीमी पड़ गई है। दिवाली के बाद सक्रिय रहने वाला यह उद्योग इस वर्ष सीमित आपूर्ति के कारण अपेक्षाकृत धीमा चल रहा है।

किसानों के पास कम स्टॉक
कई किसानों ने कपास की कटाई के तुरंत बाद ही अपनी उपज बेच दी, जिससे उनके पास स्टॉक बहुत कम बचा है। कई गांवों में जनवरी तक ही कपास की कटाई समाप्त हो चुकी थी।

मौसम और फसल पैटर्न का असर
पानी की उपलब्धता के आधार पर किसानों ने इस वर्ष कपास के साथ-साथ चना, गेहूं और मक्का जैसी फसलों की ओर रुख किया। शुष्क क्षेत्रों में भी उत्पादन अपेक्षा से कम रहा।


आउटलुक कमजोर
कम उत्पादन और सीमित स्टॉक के कारण अनुमान है कि इस वर्ष खानदेश में कपास गांठों का कुल उत्पादन पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम रहेगा।


और पढ़ें:-तमिलनाडु : बेमौसम बारिश के कारण नागपट्टिनम के कपास किसान उपज को लेकर चिंतित




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