निर्यातकों को राहत: DGFT ने EO अवधि 31 अगस्त 2026 तक बढ़ाई
2026-03-09 16:29:03
DGFT ने अग्रिम और EPCG प्राधिकरणों के लिए EO अवधि 31 अगस्त 2026 तक बढ़ाई
नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन में व्यवधान को देखते हुए, विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने निर्यातकों को राहत देते हुए निर्यात दायित्व (Export Obligation - EO) अवधि बढ़ाने की घोषणा की है।
DGFT के अनुसार, जिन अग्रिम प्राधिकरण (Advance Authorisation) और निर्यात प्रोत्साहन पूंजीगत सामान (EPCG) प्राधिकरणों की EO अवधि 1 मार्च से 31 मई 2026 के बीच समाप्त हो रही है, उन्हें स्वतः 31 अगस्त 2026 तक विस्तार दिया गया है।
इस विस्तार का लाभ उठाने के लिए निर्यातकों को किसी प्रकार का अलग आवेदन देने या शुल्क जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। यह पूरी प्रक्रिया स्वतः लागू होगी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा कि यह कदम उन निर्यातकों को राहत देने के लिए उठाया गया है, जो वैश्विक शिपिंग रूट्स, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में आए व्यवधानों से प्रभावित हुए हैं।
यह सुविधा अग्रिम प्राधिकरण (जिसमें वार्षिक आवश्यकता और विशेष अग्रिम प्राधिकरण शामिल हैं) तथा EPCG योजनाओं दोनों पर लागू होगी। यह विस्तार विदेश व्यापार नीति (FTP) के तहत पहले से उपलब्ध प्रावधानों के अतिरिक्त है, जिनके तहत निर्यातक शुल्क देकर EO अवधि बढ़ा सकते हैं।
DGFT के क्षेत्रीय अधिकारी EO अनुपालन का सत्यापन EO डिस्चार्ज सर्टिफिकेट जारी करते समय या प्राधिकरण के समापन/नियमितीकरण के दौरान करेंगे।