कपास सेक्टर में बड़ा बदलाव! गिरिराज सिंह जी ने जिनर्स से 35%+ लिंट रिकवरी पर दिया जोर
ऑल इंडिया कॉटन समिट 2026 में केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह जी ने देशभर से आए जिनर्स, ट्रेडर्स, मिलर्स, ब्रोकर्स और एक्सपोर्टर्स को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों के बिना जिनिंग, मिलिंग और वीविंग सहित पूरी कॉटन वैल्यू चेन आगे नहीं बढ़ सकती।उन्होंने उद्योग से किसानों को सहयोग देने और आधुनिक तकनीक अपनाने का आग्रह किया।
गिरिराज सिंह जी ने कहा कि कॉटन इंडस्ट्री तेजी से आधुनिक मशीनरी और नई तकनीकों की ओर बढ़ रही है। ऐसे में जिनर्स को भी समय के साथ अपनी मशीनरी और तकनीक को अपडेट करना होगा। उन्होंने कहा कि आज भी कई जिनिंग इकाइयां पुरानी तकनीक से काम कर रही हैं, जिसके कारण कपास से केवल 32–33% लिंट ही प्राप्त हो रहा है। भारत दुनिया के प्रमुख कपास उत्पादक देशों में शामिल है, फिर भी कई बार घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए कपास आयात करना पड़ता है। ऐसे में लिंट रिकवरी और गुणवत्ता बढ़ाना जरूरी है।
मंत्री जी ने मिट्टी की गुणवत्ता पर भी जोर देते हुए कहा कि कई खेतों में कार्बन की मात्रा 0.3–0.6% से अधिक नहीं है। उन्होंने कहा कि खेत में पर्याप्त कार्बन नहीं होने से मिट्टी की गुणवत्ता और उत्पादकता प्रभावित हो सकती है। इसलिए किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के लिए बेहतर कृषि पद्धतियां अपनाने की जरूरत है।
CCI को सुझाव देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि 35% से अधिक लिंट रिकवरी देने वाले जिनर्स के बीच प्रतिस्पर्धा कराकर उन्हें प्रोत्साहन देने की व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए। वहीं, 33% से कम लिंट रिकवरी देने वाली इकाइयों की समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने सभी जिनर्स से आधुनिक तकनीक अपनाकर 35% से अधिक लिंट रिकवरी हासिल करने का प्रयास करने को कहा।
उन्होंने बताया कि Cotton App के माध्यम से कपास खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है और 42 लाख से अधिक किसान इससे जुड़ चुके हैं। कई राज्यों ने अपनी किसान हितैषी योजनाओं को CCI App से जोड़ने का भी प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि किसान मजबूत होंगे तभी पूरे कॉटन सेक्टर का सतत विकास संभव होगा।
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