भारत ने WTO व्यापार नीति समीक्षा पूरी की, टैरिफ सुधार और FTA रणनीति पर जोर
By jayesh chouhan 2026-07-25 11:32:11
भारत ने WTO की व्यापार नीति समीक्षा पूरी की, टैरिफ सुधार और FTA रणनीति पर दिया जोर
भारत ने जिनेवा में विश्व व्यापार संगठन (WTO) में अपनी आठवीं व्यापार नीति समीक्षा (Trade Policy Review) का दूसरा और अंतिम सत्र पूरा कर लिया है। इसके साथ ही WTO के पारदर्शिता एवं निगरानी तंत्र के तहत भारत की व्यापार एवं संबंधित नीतियों की आवधिक (समय-समय पर होने वाली) समीक्षा भी पूरी हो गई है।
यह समीक्षा टेक्सटाइल और परिधान क्षेत्र के एक्सपोर्टर्स, इम्पोर्टर्स और मैन्युफैक्चरर्स के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें बाजार तक पहुंच और सप्लाई-चेन प्लानिंग को प्रभावित करने वाले प्रमुख नीतिगत क्षेत्रों पर चर्चा हुई। इनमें टैरिफ सुधार, कस्टम्स प्रक्रियाओं को आसान बनाने के उपाय, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) रणनीति, तकनीकी नियम, क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (QCO) और व्यापार उपाय (Trade Remedies) शामिल हैं।
समीक्षा के दौरान भारत को 44 WTO सदस्यों से कुल 1,094 लिखित प्रश्न प्राप्त हुए। वहीं, 21 और 23 जुलाई, 2026 को आयोजित दो समीक्षा सत्रों में 68 WTO सदस्यों ने अपने विचार रखे।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने किया। उन्होंने कहा कि व्यापार सुधार एक सतत प्रक्रिया है और भारत खुले, पारदर्शी तथा पूर्वानुमेय व्यापार एवं निवेश व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है।
उन्होंने कहा कि भारत के टैरिफ सुधार, कस्टम्स प्रक्रियाओं को आसान बनाने के उपाय और FTA रणनीति ने देश के घरेलू विकास लक्ष्यों का समर्थन करने के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ उसके जुड़ाव को भी मजबूत किया है।
WTO सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए अग्रवाल ने कहा कि भारत की व्यापार नीतियां WTO के अनुरूप सिद्धांतों से निर्देशित हैं, साथ ही वे एक बड़ी विकासशील अर्थव्यवस्था की विकासात्मक जरूरतों को भी ध्यान में रखती हैं।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र की टैरिफ संरचना का उद्देश्य छोटे, कम आय वाले और कम संसाधनों वाले किसानों के हितों की रक्षा करना है, जबकि औद्योगिक टैरिफ सप्लाई-चेन की मजबूती, विविधीकरण और घरेलू विनिर्माण क्षमताओं को समर्थन देते हैं।
सैनिटरी एवं फाइटोसैनिटरी (SPS) उपायों, तकनीकी नियमों और व्यापार उपायों के संबंध में उन्होंने पारदर्शिता, हितधारकों के साथ परामर्श और WTO नियमों के पालन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत के क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (QCO) का उद्देश्य उचित सार्वजनिक नीति लक्ष्यों को हासिल करना है, जबकि व्यापार उपायों की जांच पारदर्शी तरीके से, ठोस साक्ष्यों, उचित प्रक्रिया और न्यायिक निगरानी के आधार पर की जाती है।
समीक्षा के दौरान WTO सदस्यों ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कस्टम्स और व्यापार सुविधा के आधुनिकीकरण, नवाचार एवं स्टार्टअप पहलों, क्षेत्रीय व्यापार समझौतों तथा माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (Global Value Chains) से जोड़ने के भारत के प्रयासों की सराहना की। सदस्यों ने फिशरीज सब्सिडी पर WTO समझौते को भारत द्वारा स्वीकार किए जाने का भी स्वागत किया।
WTO सुधारों के मुद्दे पर भारत ने एक खुले, समावेशी, पारदर्शी और नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार तंत्र के प्रति अपना समर्थन दोहराया। भारत ने यह भी कहा कि भविष्य के सुधार विकास-केंद्रित होने चाहिए, विकासशील देशों के लिए पर्याप्त नीतिगत गुंजाइश बनाए रखनी चाहिए और WTO के मौजूदा आदेशों (existing mandates) को पूरा करना चाहिए।