पंजाब में 24 घंटे में सामान्य से 477% अधिक बारिश, धान-कपास की फसल को नुकसान
बठिंडा: पंजाब में कटाई के मौसम के दौरान हुई बेमौसम बारिश ने धान और कपास की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। बारिश के कारण कई अनाज मंडियों में पानी भर गया, धान की ढेरियां भीग गईं और सरकारी खरीद प्रक्रिया प्रभावित हुई। किसान संगठनों ने फसल नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में पंजाब में 2.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 0.4 मिमी होती है। यह सामान्य से 477% अधिक है। फाजिल्का में सबसे ज्यादा 28 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा फरीदकोट में 9 मिमी, मुक्तसर में 7.7 मिमी और बठिंडा में 1.3 मिमी बारिश दर्ज की गई।
मंडियों में भरा पानी, धान खरीद प्रभावित
फाजिल्का में रविवार सुबह करीब तीन घंटे चले तूफान के बाद मुख्य अनाज मंडी में लगभग तीन फीट तक पानी भर गया। इससे धान की ढेरियां पानी में बहने लगीं। फाजिल्का आढ़तिया एसोसिएशन के अध्यक्ष गोल्डी सचदेवा ने नुकसान करीब 15 करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया।
आढ़तियों और किसानों ने आरोप लगाया कि जल निकासी और भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से नुकसान बढ़ा है। विरोध में आढ़तिया एसोसिएशन ने फाजिल्का-फिरोजपुर नेशनल हाईवे पर जाम लगाया। मलोट, मानसा, बरनाला और बठिंडा में भी बारिश से मंडियों में परेशानी सामने आई।
मुक्तसर के रट्टाखेड़ा गांव के किसान बलकार सिंह ने बताया कि वह पिछले आठ दिनों से अपनी फसल बिकने का इंतजार कर रहे थे। बारिश के बाद फसल में नमी बढ़ गई है, जिससे बिक्री में और देरी होने की आशंका है।
कई जिलों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट
पंजाब में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान सामान्य से 40% कम बारिश हुई थी। इसके बावजूद कटाई के समय हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। 10 अक्टूबर तक धान की केवल 12% फसल की कटाई हुई थी।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कई जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने, 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, ओलावृष्टि और मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी।
नुकसान के आकलन और मुआवजे की मांग
पंजाब कृषि विभाग के निदेशक गुरजीत सिंह बराड़ के अनुसार, विभाग फसलों को हुए नुकसान की जानकारी जुटा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि खेतों में पानी जमा रहने और आगे बारिश होने से कपास की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
वहीं, पंजाब राज्य कृषि विपणन बोर्ड के चेयरमैन हरचंद सिंह बरसात ने कहा कि धान खरीद के लिए उचित इंतजाम किए गए हैं और व्यवस्थाओं में कमियों को दूर किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निजी यार्ड में फसल रखने पर कोई रोक नहीं है।
किसान संगठनों ने सरकार से तत्काल गिरदावरी कराने, फसल नुकसान का आकलन करने और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।
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