अतुल गनात्राजी के एक चैनल को दिए साक्षात्कार के महत्वपूर्ण अंश
- इस वर्ष कपास आगमन का पैटर्न पूरी तरह से बदल दिया गया है। पूर्व में फरवरी माह तक 75 प्रतिशत आवक हो रही थी लेकिन इस वर्ष फरवरी तक 50 प्रतिशत ही आवक हुई है।
- CAI के अनुसार फसल का आकार 313 लाख गांठ है। समिति की अगली बैठक अप्रैल के दूसरे सप्ताह में होगी और समिति के सदस्य तय करेगा कि फसल का आकार बढ़ाया जाए या घटाया जाए,
- कीमत के संबंध में 1,10,000 रुपये से अब हम 60-61,000 पर हैं इसलिए लगभग 45-50 प्रतिशत की दर पहले ही कम हो चुकी है।
इस दर पर कताई मिलें कुछ लाभ कमा रही हैं इसलिए भारतीय मिलों के लिए कपास खरीदने का यह अच्छा समय है।
- कपास की दर 15000 से घटकर 7500 रुपये हो गई है, इसलिए अगले साल भारत में कपास की बुवाई कम हो जाएगी 10-15 प्रतिशत।
- यूएसए से खबर मिल रही है कि यूएसए कपास की बुआई भी 15-20 फीसदी कम होगी।
- कपास के एमएसपी में 25-30% की बढ़ोतरी की खबर के साथ बड़े किसान इस सीजन में अपने कपास के स्टॉक को नहीं बेच सकते हैं
- हम भारत में पहली बार देख सकते हैं भारतीय फसल का 10 प्रतिशत अगले सीजन में ले जाया जाएगा।