आंध्र प्रदेश में कपास की बुवाई 13% बढ़ी, सामान्य से तेज रही प्रगति; कुरनूल सबसे आगे
2026-07-31 12:22:07
आंध्र प्रदेश में कपास बुवाई 13% बढ़ी, सामान्य से तेज़ प्रगति; कुरनूल सबसे आगे
आंध्र प्रदेश में खरीफ 2026 के दौरान कपास की बुवाई ने पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की है। राज्य कृषि विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार 29 जुलाई 2026 तक राज्य में 3,36,354 हेक्टेयर क्षेत्र में कपास की बुवाई हो चुकी है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 2,97,848 हेक्टेयर था। इस प्रकार इस वर्ष 38,506 हेक्टेयर (लगभग 13%) अधिक क्षेत्र में कपास की बुवाई दर्ज की गई है।
राज्य में अब तक सामान्य सीजनल क्षेत्र का 65% हिस्सा बोया जा चुका है, जबकि पिछले वर्ष यह 56% था। वहीं, सामान्य तिथि के अनुसार बुवाई की प्रगति 125% रही, जो पिछले वर्ष के 101% से काफी बेहतर है। इससे स्पष्ट है कि इस वर्ष अधिकांश क्षेत्रों में बुवाई सामान्य से तेज गति से हुई है।
जिलावार आंकड़ों में कुरनूल सबसे आगे रहा, जहां 2,19,767 हेक्टेयर में कपास की बुवाई दर्ज की गई। इसके बाद पलनाडु (34,489 हेक्टेयर), NTR (21,671 हेक्टेयर), अनंतपुरम (20,915 हेक्टेयर) और YSR कडप्पा (6,105 हेक्टेयर) प्रमुख रहे। वहीं प्रकाशम, बापटला, काकीनाडा, गुंटूर और श्री सत्यसाई जैसे जिलों में बुवाई सामान्य गति से पीछे रही।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि बुवाई क्षेत्र में हुई यह वृद्धि आगामी सीजन में बेहतर कपास उत्पादन का आधार बन सकती है। हालांकि अंतिम उत्पादन अगस्त–सितंबर के मौसम, वर्षा के वितरण तथा फसल की स्थिति पर निर्भर करेगा।
बाजार पर संभावित प्रभाव: बढ़ी हुई बुवाई किसानों के लिए सकारात्मक संकेत है। यदि मौसम अनुकूल बना रहता है, तो आगामी सीजन में कपास की उपलब्धता बेहतर रह सकती है। इससे जिनर्स, व्यापारियों और स्पिनिंग मिलों को नई फसल की बेहतर आपूर्ति मिलने की संभावना बढ़ेगी। फिलहाल बाजार की नजर मौसम और फसल की बढ़वार पर बनी रहेगी।