ब्राज़ील की कपास फसल इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी, रिकॉर्ड निर्यात से वैश्विक बाज़ार में बढ़ी पकड़
ब्राज़ील वैश्विक कपास व्यापार में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है। राबोबैंक की जून 2026 एग्रो-इन्फो रिपोर्ट के अनुसार, देश का 2025/26 कपास उत्पादन लगभग 40 लाख टन लिंट (रुई) रहने का अनुमान है, जो उसके इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादन होगा। बेहतर पैदावार और मजबूत निर्यात प्रदर्शन ने ब्राज़ील को दुनिया के प्रमुख कपास निर्यातकों में और अधिक प्रतिस्पर्धी बना दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस सीज़न में कपास का रकबा करीब 2% घटा, लेकिन पूरे फसल चक्र के दौरान अनुकूल मौसम के कारण पैदावार बेहतर रही। इससे उत्पादन पर रकबे में आई कमी का असर नहीं पड़ा और कुल उत्पादन मजबूत बना रहा।
अगस्त 2025 से मई 2026 के बीच ब्राज़ील ने लगभग 30 लाख टन लिंट का निर्यात किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 17% अधिक है। दूसरी तिमाही में तेज़ निर्यात ने वैश्विक बाज़ार में ब्राज़ील की हिस्सेदारी और मजबूत की है।
हालांकि उत्पादन और निर्यात के मोर्चे पर तस्वीर सकारात्मक है, लेकिन वैश्विक कपास बाज़ार अभी भी चुनौतियों से घिरा हुआ है। राबोबैंक द्वारा उद्धृत USDA के अनुमान के अनुसार, 2026/27 में वैश्विक कपास उत्पादन में लगभग 5% की गिरावट आ सकती है, जबकि खपत में केवल 1.5% की बढ़ोतरी का अनुमान है। इससे वैश्विक भंडार घटेगा, लेकिन कीमतों में तेज़ उछाल की संभावना सीमित रहेगी।
बैंक का कहना है कि महंगाई, कमजोर उपभोक्ता मांग, बढ़ती लॉजिस्टिक्स लागत और अमेरिका, इज़राइल तथा ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव वैश्विक फाइबर बाज़ार पर दबाव बनाए हुए हैं। इसके अलावा, अल नीनो से जुड़े संभावित मौसमीय जोखिम भी अगले सीज़न में आपूर्ति और कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।
घरेलू बाज़ार में भी कपास की बिक्री मजबूत बनी हुई है। IMEA के अनुसार, माटो ग्रोसो में अनुमानित उत्पादन का 72% पहले ही बिक चुका है, जो पांच साल के औसत से अधिक है। राबोबैंक का मानना है कि बेहतर उत्पादकता, मजबूत निर्यात और प्रतिस्पर्धी कीमतों के दम पर ब्राज़ील आने वाले समय में भी वैश्विक कपास व्यापार का प्रमुख खिलाड़ी बना रहेगा।