कपास किसानों के लिए बड़ी राहत: MSP से कम दाम पर बिक्री होने पर मिलेगा सीधा मुआवजा
कपास किसानों को बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव से राहत देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने PM AASHA योजना के तहत एक नया कदम उठाया है। ‘गैप सपोर्ट मैकेनिज्म’ नामक इस व्यवस्था के जरिए यदि किसान अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम पर बेचते हैं, तो सरकार उन्हें अंतर की राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर करेगी।
कैसे काम करेगी योजना?
इस प्रणाली के तहत, अगर बाजार में कपास की कीमत MSP से नीचे चली जाती है, तो MSP और वास्तविक बिक्री मूल्य के बीच का अंतर सरकार द्वारा दिया जाएगा। यह भुगतान
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे किसानों के खातों में जमा होगा, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
उदाहरण के तौर पर, यदि MSP 7500 रुपये प्रति क्विंटल है और किसान को बाजार में 6500 रुपये ही मिलते हैं, तो शेष 1000 रुपये सरकार द्वारा मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे।
अभी कहां लागू है?
फिलहाल इस योजना को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। यदि यह सफल रहती है, तो इसे देशभर में लागू किया जा सकता है।
किसानों को क्या मिलेगा फायदा?
कीमतों में गिरावट से सुरक्षा
खुले बाजार में बेचने की स्वतंत्रता
सरकारी खरीद केंद्रों पर निर्भरता में कमी
खरीदार चुनने की आजादी
क्या करना होगा किसानों को?
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को:
‘ई-क्रॉप’ (e-crop) सिस्टम में अपनी फसल का पंजीकरण करना होगा
बिक्री की रसीदें सुरक्षित रखनी होंगी
आगे की संभावना
अगर यह मॉडल सफल होता है, तो सरकार इसे अन्य नकदी फसलों तक भी विस्तार दे सकती है। इससे कृषि मूल्य समर्थन प्रणाली में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है और किसानों की आय को अधिक स्थिर बनाया जा सकेगा।