बठिंडा: इंडियन कॉटन एसोसिएशन लिमिटेड (ICAL) के अनुसार, 2024-25 के कपास विपणन सत्र के पहले चार महीनों (1 सितंबर – 31 दिसंबर, 2024) में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान की अनाज मंडियों में कच्चे कपास की आवक लगभग आधी रह गई है।
इस अवधि में कुल आवक 16,92,796 गांठ रही, जबकि 2023-24 में यह 32,61,891 गांठ थी। (एक गांठ = 170 किग्रा)
चालू सीजन में इन तीनों राज्यों में कुल अनुमानित उत्पादन 30,79,600 गांठ रहेगा, जबकि पिछले मार्केटिंग सीजन में यह 49,96,438 गांठ था, यानी लगभग 38% की गिरावट।
इस गिरावट का मुख्य कारण फसल के रकबे में लगभग 31% की कमी है, जो लगातार कीटों के हमले से प्रभावित हुई है।
| राज्य | फसल का रकबा (हेक्टेयर) | अनुमानित उत्पादन (गांठ) | पिछला उत्पादन (गांठ) |
|---|---|---|---|
| पंजाब | 99,700 (पिछले वर्ष ~2,00,000) | 1,96,500 | 3,93,514 |
| हरियाणा | 4.76 लाख (पिछले वर्ष 5.78 लाख) | 9,26,600 | 15,38,129 |
| राजस्थान | 6.62 लाख (पिछले वर्ष 10.04 लाख) | 19,56,500 | 30,64,795 |
| कुल | 12.38 लाख | 30,79,600 | 49,96,438 |
सबसे अधिक कमी पंजाब में हुई, जहां फसल का रकबा 1 लाख हेक्टेयर से नीचे गिरकर 99,700 हेक्टेयर रह गया।
ICAL के अधिकारी के अनुसार, तीनों राज्यों में रकबे में 31% की कमी के चलते उत्पादन में भी 38% की गिरावट का अनुमान है।
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