कपास की खेती से किसानों को बेहतर मुनाफा, वैज्ञानिकों ने दी समय पर बुवाई की सलाह
खरीफ सीजन नजदीक आने के साथ ही कपास की खेती को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। जिले में किसान अब कपास की बुवाई की ओर ध्यान दे रहे हैं, क्योंकि यह फसल आर्थिक दृष्टि से लाभकारी मानी जाती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, क्षेत्र की जलवायु कपास उत्पादन के लिए अनुकूल है और सही समय पर बुवाई करने से पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
खरगोन के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजीव सिंह ने किसानों को सलाह दी है कि वे 25 मई के बाद कपास की बुवाई शुरू करें। उन्होंने बताया कि इस अवधि में तापमान धीरे-धीरे कम होने लगता है और मानसून की शुरुआती गतिविधियां भी शुरू हो जाती हैं, जो बीज अंकुरण और पौधों की शुरुआती वृद्धि के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती हैं। ऐसे समय में की गई बुवाई फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों के लिए लाभकारी साबित होती है।
वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि किसानों को कपास की बुवाई जून महीने के अंत तक हर हाल में पूरी कर लेनी चाहिए। यदि बुवाई में देरी होती है, तो उसका सीधा असर फसल की वृद्धि और उत्पादन क्षमता पर पड़ता है। देर से बोई गई फसल में पौधों की बढ़वार कमजोर हो जाती है, जिससे पैदावार कम हो जाती है।
हालांकि खेती की लागत लगभग समान ही रहती है, लेकिन उत्पादन घटने से किसानों का लाभ कम हो जाता है। इसलिए समय पर बुवाई को कपास की सफल खेती का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। विशेषज्ञों ने किसानों को सही तकनीक और समय प्रबंधन अपनाकर अधिक मुनाफा कमाने की सलाह दी है, ताकि वे कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें।
और पढ़ें:- कपास आयात शुल्क हटाने से किसानों को भारी नुकसान होगा: CPI
Regards
Team Sis
Any query plz call 9111677775
https://wa.me/919111677775