5 राज्यों में सूखे की स्थिति, 6.11 लाख हेक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित; रबी में कम पानी वाली फसलों पर जोर
नई दिल्ली: मानसून में कमी और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण देश के कई राज्यों में कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों, तेलंगाना और राजस्थान में सूखे की स्थिति घोषित की गई है। वहीं, प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में भारी बारिश, बाढ़ या सूखे से करीब 6.11 लाख हेक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित हुआ है। नुकसान का विस्तृत वैज्ञानिक आकलन अभी जारी है।
मानसून सीजन के अंत तक देश में बारिश सामान्य से करीब 12.3% कम रही। इसके चलते खरीफ फसलों का कुल बुवाई क्षेत्र लगभग 1% घटा। धान का रकबा 16.32 लाख हेक्टेयर कम हुआ, जबकि मक्का, सोयाबीन और कपास के रकबे में भी कमी दर्ज की गई। दूसरी ओर, उड़द, तूर, बाजरा, ज्वार, तिल और सूरजमुखी जैसी फसलों के क्षेत्र में बढ़ोतरी हुई।
रबी सीजन में कम पानी वाले क्षेत्रों के लिए कम अवधि में तैयार होने वाली और स्थानीय मिट्टी व मौसम के अनुकूल फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। केंद्र सरकार राज्यों को उपयुक्त बीज और फसल किस्मों की पहचान में सहायता करेगी। कर्नाटक में सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम 3 अक्टूबर को जाएगी, जबकि महाराष्ट्र ने भी केंद्रीय आकलन टीम की मांग की है।
सरकार ने 2026-27 के लिए कुल खाद्यान्न उत्पादन लक्ष्य 373.93 मिलियन टन रखा है। 2025-26 में उत्पादन 376.56 मिलियन टन रहा था। आगामी रबी सीजन के लिए खाद्यान्न उत्पादन लक्ष्य 177.72 मिलियन टन तय किया गया है।
रबी सीजन में करीब 380 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की जरूरत का अनुमान है। देश में फिलहाल 163 लाख मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक स्टॉक उपलब्ध है। संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाने की घोषणा की है। एक पायलट परियोजना में संतुलित उर्वरक उपयोग से खपत 27% कम और 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की बचत बताई गई है।
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