गुजरात में 15 जून तक कपास बुवाई 2.39 लाख हेक्टेयर पहुंची, पिछले वर्ष से बेहतर प्रगति
2026-06-17 13:04:57
15 जून तक गुजरात में कपास की बुआई 2.39 लाख हेक्टेयर पहुंची, पिछले वर्ष से बेहतर प्रगति
गुजरात में खरीफ़ सीज़न 2026 के दौरान कपास की बुआई ने तेज़ रफ्तार पकड़ी है। 15 जून तक राज्य में कपास की बुआई 2.39 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पूरी हो चुकी है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 1.88 लाख हेक्टेयर था। इस तरह कपास की बुआई में वर्ष-दर-वर्ष उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
राज्य में कपास ने अपने सामान्य बुआई क्षेत्र का लगभग 10.05 प्रतिशत हिस्सा कवर कर लिया है, जिससे यह खरीफ़ सीज़न की सबसे तेज़ी से आगे बढ़ने वाली प्रमुख फसल बन गई है। इसके मुकाबले मूंगफली की बुआई 1.37 लाख हेक्टेयर तक पहुंची है, जो उसके सामान्य क्षेत्र का 7.13 प्रतिशत है।
वहीं, सोयाबीन की बुआई अभी शुरुआती चरण में है। 15 जून तक राज्य में केवल 448 हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की बुआई हुई है, जो इसके सामान्य क्षेत्र का मात्र 0.16 प्रतिशत है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि किसानों की प्राथमिकता फिलहाल कपास और मूंगफली जैसी पारंपरिक खरीफ़ फसलों पर अधिक केंद्रित है।
बुआई के आंकड़ों से स्पष्ट है कि इस वर्ष गुजरात में कपास की प्रगति मूंगफली और सोयाबीन दोनों की तुलना में कहीं अधिक तेज़ रही है। विशेष रूप से सौराष्ट्र क्षेत्र में सीज़न की शुरुआती बुआई गतिविधियों ने कपास के रकबे को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि बुआई की अच्छी शुरुआत के बावजूद फसलों की आगे की वृद्धि मॉनसून की नियमित और पर्याप्त वर्षा पर निर्भर करेगी। यदि आने वाले दिनों में बारिश सामान्य स्तर पर नहीं पहुंचती, तो शुरुआती दौर में बोई गई फसलों को नमी की कमी का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका रहेगी। फिलहाल, उपलब्ध आंकड़े संकेत देते हैं कि गुजरात में कपास किसानों ने खरीफ़ 2026 की शुरुआत पिछले वर्ष की तुलना में अधिक उत्साह और तेज़ी के साथ की है।