हरियाणा में कपास रकबा घटा, किसान सभा ने सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

2026-06-09 14:49:58
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हरियाणा में कपास का रकबा घटने पर किसान सभा की चिंता, केंद्र की नीतियों पर उठाए सवाल

ऑल इंडिया किसान सभा (AIKS) की हरियाणा इकाई ने राज्य में कपास की खेती के लगातार घटते रकबे पर गंभीर चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि कपास उत्पादन में आ रही यह गिरावट किसानों की आय, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और देश के कपास क्षेत्र पर व्यापक प्रभाव डाल सकती है। इस मुद्दे पर सोमवार को रोहतक में आयोजित AIKS की राज्य स्तरीय समिति की बैठक में विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में बताया गया कि हरियाणा के प्रमुख कपास उत्पादक जिले—सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़—में कपास की खेती का क्षेत्र लगातार कम हो रहा है। किसान सभा के नेताओं ने इसके लिए केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि किसानों को लाभकारी मूल्य और पर्याप्त संरक्षण नहीं मिलने के कारण वे कपास की खेती से दूरी बना रहे हैं।

बैठक की अध्यक्षता AIKS के राज्य अध्यक्ष मास्टर बलबीर सिंह ने की। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा कपास पर 11 प्रतिशत आयात शुल्क हटाने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि इससे सस्ते आयातित कपास का दबाव बढ़ेगा और घरेलू उत्पादकों को नुकसान उठाना पड़ेगा। उनके अनुसार, यह निर्णय पहले से आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे कपास किसानों की स्थिति को और कमजोर कर सकता है।

बैठक में हाल ही में घोषित खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर भी असंतोष व्यक्त किया गया। किसान नेताओं का कहना था कि खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए MSP में की गई वृद्धि पर्याप्त नहीं है और इससे किसानों को अपेक्षित राहत मिलने की संभावना कम है।


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