वर्तमान कपास परिदृश्य पर एक संक्षिप्त रिपोर्ट (30/04/2026 तक की स्थिति) (प्रत्येक गांठ 170 किलोग्राम)
▪️फसल वर्ष 2025-2026 के दौरान कुल प्रेसिंग का अनुमान 334.50 लाख गांठ है और 30-04-2026 तक कुल 310.50 लाख गांठों की प्रेसिंग हो चुकी है। उपरोक्त को ध्यान में रखते हुए, अप्रैल-2026 के अंत तक कपास की कुल उपलब्धता का आकलन 412.89 लाख गांठ किया जा सकता है, जिसमें 41.80 लाख गांठों का आयात और 60.59 लाख गांठों का शुरुआती स्टॉक शामिल है।
▪️इस कपास सीज़न में कपास की खपत 338.00 लाख गांठों तक पहुँच सकती है और 30-04-2026 तक लगभग 197.16 लाख गांठों की खपत होने की सूचना मिली है। (SIS)
▪️अप्रैल-2026 के अंत तक कुल 18.00 लाख गांठों का निर्यात हुआ है, जबकि इस सीज़न के लिए अनुमान 15.00 लाख गांठों का था।
▪️यह पता चला है कि मौजूदा फसल वर्ष के अंत तक कुल 47.00 लाख गांठों का आयात किया जा सकता है। अप्रैल-2026 तक लगभग 41.80 लाख गांठें भारत के विभिन्न बंदरगाहों पर पहुँच चुकी हैं। (SIS)
▪️उपरोक्त बातों को ध्यान में रखते हुए, 30.04.2026 तक उपलब्ध कुल स्टॉक की गणना 412.89 लाख गांठों के रूप में की गई है, जिसमें शुरुआती स्टॉक, कुल प्रेसिंग और आयात शामिल हैं। (SIS)
▪️30 अप्रैल 2026 तक मिलों के पास स्टॉक 98.00 लाख गांठों के स्तर पर पाया गया, जबकि CCI/MFED, MNCs, जिनर्स, व्यापारियों और निर्यातकों के पास यह लगभग 108.73 लाख गांठें है। ▪️कपास की बेहतर कीमतें और किसानों की बढ़ी हुई आय, आने वाले सीज़न में भारत में कपास की बुवाई के क्षेत्र को लगभग 7% तक बढ़ा सकती है।
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