भारत-न्यूजीलैंड FTA से कपड़ा निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
2026-04-27 16:23:35
भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से कपड़ा निर्यात को मिलेगा बढ़ावा, 2030 तक 350 अरब डॉलर लक्ष्य को मिलेगी रफ्तार
भारतीय कपड़ा उद्योग परिसंघ (सीआईटीआई) के अनुसार, भारत और न्यूजीलैंड के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) भारतीय कपड़ा निर्यात को नई गति दे सकता है और 2030 तक इस क्षेत्र को 350 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य को मजबूती देगा।
सीआईटीआई का मानना है कि यह एफटीए भारतीय निर्यातकों को चुनिंदा बाजारों पर निर्भरता कम करने और वैल्यू चेन में आगे बढ़ने में मदद करेगा। समझौते के तहत भारतीय वस्त्रों को न्यूजीलैंड के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलने की संभावना है, जिससे प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
न्यूजीलैंड के विदेश मामलों और व्यापार मंत्रालय के आंकड़ों के हवाले से सीआईटीआई ने बताया कि दिसंबर 2025 को समाप्त वर्ष में “बना हुआ कपड़ा लेख” न्यूजीलैंड में भारत से आयात की चौथी सबसे बड़ी श्रेणी रही। इस दौरान भारतीय कपड़ा उत्पादों का आयात लगभग 80.22 मिलियन न्यूजीलैंड डॉलर रहा।
सीआईटीआई के चेयरमैन अश्विन चंद्रन ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच यह एफटीए भारतीय निर्यातकों के लिए सकारात्मक अवसर लेकर आया है। उनके अनुसार, उच्च आय और गुणवत्ता-संवेदनशील बाजार होने के कारण न्यूजीलैंड, भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता और मूल्य निर्धारण की वैश्विक पहचान को मजबूत कर सकता है।
सीआईटीआई ने यह भी रेखांकित किया कि टिकाऊ वस्त्र, होम टेक्सटाइल और तकनीकी कपड़ा जैसे क्षेत्रों में न्यूजीलैंड में विशेष वृद्धि की संभावना है। साथ ही, उच्च गुणवत्ता वाले ऊन के प्रमुख निर्यातक के रूप में न्यूजीलैंड की स्थिति भारतीय कंपनियों को बेहतर कच्चा माल उपलब्ध कराने और उच्च गुणवत्ता वाले परिधान बनाने में सहायक हो सकती है।
भारत का कपड़ा और परिधान क्षेत्र देश का दूसरा सबसे बड़ा नियोक्ता है और जीडीपी व निर्यात में अहम योगदान देता है। उद्योग का लक्ष्य 2030 तक कुल 350 अरब डॉलर के आकार तक पहुंचना है, जिसमें से 100 अरब डॉलर निर्यात से हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।