वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का वस्त्र एवं परिधान निर्यात ₹3.25 लाख करोड़ के पार, सरकार ने बढ़ाया निर्यात प्रोत्साहन
2026-07-31 11:25:28
2025-26 में भारत का टेक्सटाइल एवं परिधान (हस्तशिल्प सहित) निर्यात ₹3.25 लाख करोड़ के पार
नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का टेक्सटाइल एवं परिधान (हस्तशिल्प सहित) निर्यात ₹3,25,339 करोड़ रहा, जो 2024-25 के ₹3,19,573.2 करोड़ की तुलना में 1.8 प्रतिशत अधिक है। इस अवधि में 100 से अधिक देशों को होने वाले निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई। सरकार का कहना है कि यह वृद्धि भारतीय टेक्सटाइल क्षेत्र की बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता और निर्यात क्षमता का संकेत है।
सरकार ने टेक्सटाइल एवं परिधान क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कई योजनाएँ लागू की हैं। इनमें प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (PM MITRA) पार्क योजना, प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना, नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल्स मिशन, SAMARTH योजना तथा एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन के तहत मार्केट एक्सेस सपोर्ट और ब्याज सब्सिडी जैसे उपाय शामिल हैं।
हाल के महीनों में सरकार ने कई नई पहलें भी की हैं। इनमें 'निर्यातित उत्पादों पर शुल्क एवं करों की छूट' (RoDTEP) योजना को 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाना, कपास और मैन-मेड फाइबर (MMF) वैल्यू चेन के प्रमुख कच्चे माल पर अस्थायी सीमा शुल्क राहत, MMF क्षेत्र में इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर को दूर करने के लिए GST दरों का युक्तिकरण तथा पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक परिस्थितियों से प्रभावित निर्यातकों की सहायता के लिए 'रेसिलिएंस एंड लॉजिस्टिक्स इंटरवेंशन फॉर एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन' (RELIEF) पहल शामिल हैं।
मार्च 2019 से संचालित RoSCTL योजना की अवधि भी 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है, जिससे गारमेंट्स और मेड-अप्स के निर्यातकों को राज्य एवं केंद्रीय करों और लेवी की प्रतिपूर्ति का लाभ मिलता रहेगा। इसके साथ ही सरकार ने 40 प्राथमिकता वाले देशों पर केंद्रित निर्यात संवर्धन रणनीति अपनाई है। वर्तमान में भारत के 16 मुक्त व्यापार समझौते (FTA) लागू हैं, जबकि यूरोपीय संघ और न्यूजीलैंड के साथ हुए हालिया व्यापार समझौतों से भी भारतीय टेक्सटाइल उद्योग को नए बाजारों में अवसर मिलने की उम्मीद है।
टेक्सटाइल मंत्रालय ने छह टेक्सटाइल एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन सेंटर (TEFC) स्थापित किए हैं और NIFT के माध्यम से 'इंडिया इमर्सिव एक्सपीरियंस प्रोग्राम' शुरू किया है। वर्ष 2025-26 में देश के 500 से अधिक जिलों से टेक्सटाइल और हस्तशिल्प उत्पादों का निर्यात हुआ। सरकार का कहना है कि इन पहलों से निर्यात बाजारों में विविधता, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, ई-कॉमर्स के माध्यम से बाजार तक पहुंच और विशेष रूप से MSMEs की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा मिला है।