घरेलू मांग का दबाव
टेक्सटाइल उद्योग की उच्च मांग के कारण उपलब्ध उत्पादन पर्याप्त नहीं है, जिससे आयात पर निर्भरता बढ़ी है।
वैश्विक कपास बाजार का आकार 2024 में लगभग 41.78 बिलियन डॉलर था, जो 2025 में बढ़कर 42.92 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। इस बढ़ती मांग का भी भारत के आयात पर प्रभाव पड़ रहा है।
विपणन वर्ष 2024-25 में भारत का कपास आयात लगभग 2.5 मिलियन गांठ तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष 1.75 मिलियन गांठ था।
ऊंची घरेलू कीमतें, घटता उत्पादन और मजबूत मांग—इन तीनों कारकों ने मिलकर भारत को कपास आयात बढ़ाने के लिए मजबूर किया है। आने वाले समय में भी यदि उत्पादन में सुधार नहीं होता, तो आयात का रुझान जारी रह सकता है।
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