महाराष्ट्र में कपास और सोयाबीन की बुआई पिछले साल से कम
10 अगस्त 2026 तक महाराष्ट्र में कपास और सोयाबीन की बुआई पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले कम हुई है।
कपास: इस साल अब तक 37.86 लाख हेक्टेयर में कपास बोई गई है। पिछले साल 11 अगस्त तक यह आंकड़ा 38.39 लाख हेक्टेयर था। यानी इस साल कपास की बुआई 53,835 हेक्टेयर कम है।
तिलहन: इस साल तिलहन की कुल बुआई 49.85 लाख हेक्टेयर में हुई है। पिछले साल यह 50.70 लाख हेक्टेयर थी। यानी तिलहन की बुआई में 84,691 हेक्टेयर की कमी आई है।
सोयाबीन: इस साल सोयाबीन की बुआई 48.33 लाख हेक्टेयर में हुई है। पिछले साल यह 49.26 लाख हेक्टेयर थी। यानी सोयाबीन की बुआई 93,320 हेक्टेयर कम है।
बारिश का असर
कपास और सोयाबीन की फसल के लिए समय पर और अच्छी बारिश जरूरी है। अच्छी बारिश से फसल की बढ़त बेहतर होती है।
लेकिन अगर लगातार तेज बारिश होती है, तो खेतों में पानी जमा होने से फसल को नुकसान हो सकता है। इससे बीमारी का खतरा भी बढ़ सकता है।
वहीं, अगर बारिश के बीच ज्यादा दिनों का अंतर हो जाता है, तो बारिश पर निर्भर इलाकों में मिट्टी में नमी कम होने की समस्या आ सकती है।
बाजार की नजर
कपास और सोयाबीन की बुआई पिछले साल से कम होने के कारण आने वाले दिनों में बाजार की नजर बारिश, मिट्टी में नमी और फसल की स्थिति पर रहेगी।
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