सोयाबीन और कपास पर कीटों का हमला, बादल छाए रहने से किसानों की चिंता बढ़ी
2026-08-24 17:53:02
सोयाबीन-कपास पर कीटों का हमला, बादलों की मार से बढ़ी किसानों की चिंता
जिले में सोयाबीन और कपास की फसलों पर कीटों का प्रकोप बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। लगातार बादल छाए रहने और बारिश की कमी से फसलों की बढ़वार भी प्रभावित हो रही है। विकास की अवस्था में पहुंच चुकी दोनों प्रमुख खरीफ फसलों में विभिन्न कीटों का प्रकोप देखा जा रहा है।
इस खरीफ सीजन में जिले में 4.18 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बुवाई की गई है। इनमें 1,19,626 हेक्टेयर में सोयाबीन और 2,31,961 हेक्टेयर में कपास की बुवाई हुई है। जून से अब तक जिले में 446.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है। शुरुआत में बारिश में देरी के कारण बुवाई प्रभावित हुई, जबकि बाद में बारिश होने पर किसानों ने बुवाई पूरी की।
वर्तमान में अधिकांश क्षेत्रों में सोयाबीन की फसल 1 से 1.5 फीट तक पहुंच गई है और फूल आने की अवस्था में है। इस पर लीफहॉपर, तना छेदक और तंबाकू की इल्ली का हल्का प्रकोप देखा जा रहा है।
वहीं, कपास की फसल 1.5 से 2 फीट तक बढ़ चुकी है। कुछ क्षेत्रों में पत्तियों और फूलों का विकास शुरू हो गया है। कपास में एफिड्स, लीफहॉपर और सफेद मक्खी का हल्का प्रकोप सामने आया है।
जिला कृषि अधीक्षक अधिकारी अरविंद उपरिकर ने किसानों को फसलों की नियमित निगरानी करने और कीटों का प्रकोप दिखाई देने पर कृषि विभाग के विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लेकर उचित प्रबंधन करने की सलाह दी है।