टेक्सटाइल इंडस्ट्री की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए पॉलिसी सुधार जरूरी: संसदीय समिति
अमेरिकी बाजार में टैरिफ को लेकर अनिश्चितता और घटती मांग के बीच भारत की एक संसदीय समिति ने टेक्सटाइल और कपड़ा उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए मजबूत नीतिगत और वित्तीय सहायता की सिफारिश की है। समिति ने उद्योग को तकनीकी टेक्सटाइल, मैन-मेड फाइबर (MMF), सस्टेनेबल टेक्सटाइल, होम फर्निशिंग और हाई-वैल्यू गारमेंट्स जैसे क्षेत्रों में तेजी से विविधीकरण करने पर जोर दिया है।
राज्यसभा सांसद डोला सेन की अध्यक्षता वाली वाणिज्य मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने संसद के दोनों सदनों में ‘भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के मूल्यांकन’ पर अपनी 200वीं रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में अमेरिकी टैरिफ उपायों से भारतीय निर्यातकों के सामने आने वाली चुनौतियों का आकलन किया गया है और निर्यात प्रतिस्पर्धा मजबूत करने के लिए कई उपाय सुझाए गए हैं।
समिति ने टेक्सटाइल सेक्टर के आधुनिकीकरण और उत्पादकता बढ़ाने के लिए PM MITRA पार्कों, प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम और समर्थ योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने की सिफारिश की है। साथ ही, नए PM MITRA पार्कों में विशेष MMF मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित करने का सुझाव दिया गया है, जिससे MSMEs को सिंथेटिक कच्चे माल की स्थानीय स्तर पर आसान उपलब्धता मिल सके और उत्पादन को वैश्विक मांग के अनुरूप ढाला जा सके।
रिपोर्ट में RoDTEP, RoSCTL, ब्याज समकारी योजना और अन्य निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं के तहत सहायता बढ़ाने की मांग की गई है। टेक्सटाइल MSMEs के लिए रियायती वर्किंग कैपिटल, निर्यात क्रेडिट, क्रेडिट गारंटी और अन्य वित्तीय सहायता का तेजी से वितरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
समिति ने अमेरिकी खरीदारों द्वारा कीमतों में कटौती की मांग से प्रभावित निर्यातकों के लिए RoSCTL के तहत एक आपातकालीन राहत कार्यक्रम पर विचार करने का सुझाव दिया है। इसके अलावा, प्रमुख अमेरिकी शिपिंग एंट्री पॉइंट्स पर सरकारी सब्सिडी वाले टेक्सटाइल वेयरहाउसिंग हब और भारतीय बंदरगाहों पर ग्रीन-चैनल तथा तेज कस्टम्स कॉरिडोर विकसित करने की सिफारिश की गई है।
कालीन और हथकरघा क्षेत्र के लिए समिति ने ट्रेड फेयर, ब्रांडिंग, GI प्रमोशन, बायर-सेलर मीट, डिजिटल मार्केटिंग और डिजाइन इनोवेशन के जरिए निर्यात सहायता बढ़ाने पर जोर दिया है।
समिति ने टेक्सटाइल निर्यातकों के लिए टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन ग्रांट और एक विशेष मार्केट-लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम की भी सिफारिश की है, ताकि उद्योग अमेरिकी ग्राहकों की बदलती पसंद के अनुरूप उत्पादों में विविधता ला सके और वैश्विक बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत कर सके।
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