कपास में अधिक नमी से किसानों की बढ़ी परेशानी, CCI की खरीदी में अस्वीकृति का डर और मंडी में कम भाव
अंजड़, बड़वानी (मध्य प्रदेश)। कपास उत्पादक किसानों के सामने उपज बेचने को लेकर दो बड़ी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। एक ओर कपास में अधिक नमी होने पर भारतीय कपास निगम (CCI) की समर्थन मूल्य पर खरीदी में उपज अस्वीकार होने की आशंका है, वहीं दूसरी ओर निजी व्यापारियों से कम भाव मिलने की शिकायत है।
अंजड़ कृषि उपज मंडी में सोमवार को कपास के भाव ₹7,900 से ₹9,510 प्रति क्विंटल रहे। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने किसानों को कम से कम ₹11,000 प्रति क्विंटल भाव दिलाने की मांग उठाई है। संगठन के जिलाध्यक्ष अनिल इस्के के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने मंडी सचिव को ज्ञापन सौंपा।
संगठन ने सभी पात्र व्यापारियों के बीच खुली बोली कराने, किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और ग्राम भागसुर में अधिकारियों की मौजूदगी में कपास की नीलामी आयोजित करने की मांग की।
नमी के कारण सरकारी खरीदी प्रभावित होने की आशंका
रिपोर्ट के अनुसार, CCI की खरीदी में कपास की नमी महत्वपूर्ण है। लगभग 8 प्रतिशत नमी वाले कपास के लिए ₹8,567 से ₹8,569 प्रति क्विंटल तक भाव बताए गए हैं। वहीं, नमी 12 प्रतिशत होने पर कीमत घटकर करीब ₹8,000 प्रति क्विंटल रह सकती है। निर्धारित सीमा से अधिक नमी होने पर सरकारी खरीदी प्रभावित हो सकती है।
15 अक्टूबर से समर्थन मूल्य पर खरीदी का कार्यक्रम
रिपोर्ट के अनुसार, CCI की इंदौर शाखा के अंतर्गत 15 अक्टूबर से समर्थन मूल्य पर कपास खरीदी शुरू होने का कार्यक्रम है। इसके लिए 13 अक्टूबर सुबह 9 बजे से स्लॉट बुकिंग शुरू होने की जानकारी दी गई है। किसान मंडी, कॉमन सर्विस सेंटर या संबंधित मोबाइल एप से स्लॉट बुक कर सकेंगे।
जिलाध्यक्ष अनिल इस्के के अनुसार, कई किसानों के पास कपास सुखाने और सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त जगह नहीं है। आग लगने का जोखिम और आर्थिक जरूरतों के कारण किसान उपज रोककर नहीं रख पाते। संगठन का आरोप है कि कुछ व्यापारी नमी का हवाला देकर ₹7,000 से ₹8,000 प्रति क्विंटल तक भाव लगाते हैं।
और पढ़ें :- कपास के भाव में तेज उछाल