CCI का नया नियम: अब कपास सिर्फ जिले में ही बेचा जाएगा, फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सख्त कदम
भारतीय कपास निगम (CCI) ने कपास खरीद प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। नए नियम के अनुसार खंडवा, खरगोन और बुरहानपुर जिलों के किसान अब अपना कपास केवल अपने ही जिले की मंडियों में बेच सकेंगे। अब पड़ोसी जिलों के किसानों को इन मंडियों में आकर कपास बेचने की अनुमति नहीं होगी।
CCI का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य कपास खरीद में पारदर्शिता लाना और व्यापारियों द्वारा होने वाले फर्जीवाड़े को रोकना है।
किसानों को होगी परेशानी
पहले किसान अपनी उपज किसी भी जिले की मंडी में बेच सकते थे, जिससे उन्हें परिवहन खर्च में राहत मिलती थी। लेकिन अब उन्हें अपने ही जिले की मंडी में ही बिक्री करनी होगी, भले ही वह दूर क्यों न हो। इससे किसानों को असुविधा हो सकती है।
फर्जीवाड़ा रोकने की कोशिश
CCI अधिकारियों के अनुसार, पहले कुछ व्यापारी किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से कपास बेच देते थे। नए नियम से ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगेगी और केवल वास्तविक किसान ही अपनी उपज बेच सकेंगे।
रजिस्ट्रेशन और खरीद स्थिति
खंडवा जिले में अब तक लगभग 3200 किसानों ने कपास बिक्री के लिए पंजीकरण कराया है, जिनमें 2000 खंडवा और 1200 मूंदी क्षेत्र के किसान शामिल हैं।
बाहरी जिलों की खरीद पर असर
पहले CCI अपनी कुल खरीद का लगभग 25% कपास बाहरी जिलों से खरीदता था। लेकिन नए नियम के बाद अब बाहरी जिलों से कपास की खरीद नहीं हो पाएगी।
CCI का बयान
CCI के खरीद प्रभारी चंद्रकिशोर सकोमे ने कहा कि अब जिले का कपास उसी जिले में खरीदा जाएगा, जिससे व्यापारियों द्वारा होने वाला फर्जीवाड़ा रोका जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि पहले कुछ व्यापारी अलग-अलग मंडियों में कपास बेचकर गड़बड़ी करते थे, लेकिन अब इस पर पूरी तरह नियंत्रण रहेगा।