भीलवाड़ा में टेक्सटाइल रिसर्च को बढ़ावा जरूरी: मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास
भीलवाड़ा: राजस्थान के मुख्य सचिव V. Srinivas ने कपड़ा उद्योग के सतत विकास के लिए टेक्सटाइल रिसर्च को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए भीलवाड़ा में वैश्विक स्तर का टेक्सटाइल सम्मेलन आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
शुक्रवार को भीलवाड़ा दौरे के दौरान उन्होंने सर्किट हाउस में अधिकारियों से मुलाकात की, जहां जिला कलेक्टर Jasmeet Singh Sandhu और एसपी Dharmendra Singh ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर जिले में “विकसित भारत ग्राम अभियान” की शुरुआत भी की गई।
टेक्सटाइल उद्योग में तेज प्रगति
मुख्य सचिव ने बताया कि भीलवाड़ा में कपास उत्पादन और यार्न निर्यात में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे टेक्सटाइल उद्योग मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि जिले में स्पिंडल की संख्या 60,000 से बढ़कर लगभग 15 लाख तक पहुंच गई है।
उन्होंने कहा, “वर्ष 2047 के विकसित भारत और विकसित राजस्थान विजन के तहत इसे 50 लाख तक बढ़ाने का लक्ष्य है।”
नीतियों से मिलेगा बढ़ावा
V. Srinivas ने कस्तूरी कपास की बढ़ती खेती का उल्लेख करते हुए कहा कि हाल ही में शुरू की गई ‘औद्योगिक पार्क नीति 2026’ और ‘टेक्सटाइल एवं परिधान नीति 2025’ से इस क्षेत्र को नया प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने कहा कि रूपाहेली जैसे क्षेत्रों में टेक्सटाइल सेक्टर के समग्र विकास के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है और एकीकृत विकास मॉडल पर काम किया जा रहा है।
कपास उत्पादन बढ़ाने की योजना
उन्होंने बताया कि अतिरिक्त लंबे स्टेपल (ELS) कपास की खेती भीलवाड़ा में लगभग 30,000 हेक्टेयर और बांसवाड़ा में 11,000 हेक्टेयर में की जा रही है। इस क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि विभाग, Cotton Corporation of India (CCI) और जिनिंग यूनिट्स के साथ समन्वय कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
विकास की बड़ी संभावनाएं
मुख्य सचिव ने कहा कि इस क्षेत्र में टेक्सटाइल उद्योग के विकास की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार नई नीतियों के माध्यम से इस विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।