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NCDEX-CAI की कपास डेरिवेटिव्स पर साझेदारी

2026-09-03 11:49:26
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NCDEX ने कॉटन डेरिवेटिव्स को बढ़ावा देने के लिए CAI से किया समझौता

भारत के प्रमुख कमोडिटी एक्सचेंज NCDEX ने कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CAI) के साथ पांच साल की रणनीतिक साझेदारी की है। इसका उद्देश्य कॉटन डेरिवेटिव्स में भागीदारी बढ़ाना, पारदर्शी प्राइस डिस्कवरी को बेहतर करना और किसानों, गिनर्स, स्पिनर्स, एक्सपोर्टर्स तथा ट्रेडर्स के बीच हेजिंग को लेकर जागरूकता बढ़ाना है।

यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब भारत दुनिया के कुल कॉटन उत्पादन में करीब 20-23% हिस्सेदारी रखता है और वैश्विक कॉटन खेती के कुल रकबे में लगभग 38% योगदान देता है। हालांकि, बिखरे हुए फिजिकल मार्केट और डेरिवेटिव्स के सीमित इस्तेमाल के कारण वैश्विक स्तर पर कॉटन की कीमत तय करने में भारत की भूमिका अभी भी सीमित है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुंबई में NCDEX के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO विकास गोयल तथा CAI के प्रेसिडेंट विनय कोटक ने 'लेटर ऑफ एंगेजमेंट' पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) के चेयरमैन-सह-मैनेजिंग डायरेक्टर ललित कुमार गुप्ता भी मौजूद रहे।

साझेदारी के तहत NCDEX के कॉटन डेरिवेटिव्स प्लेटफॉर्म को मजबूत किया जाएगा। फिलहाल इस प्लेटफॉर्म पर कपास, कॉटनसीड ऑयल केक और कॉटन वॉश ऑयल के कॉन्ट्रैक्ट उपलब्ध हैं।

दोनों संस्थाएं किसानों, गिनर्स, स्पिनर्स, एक्सपोर्टर्स और ट्रेडर्स के बीच फ्यूचर्स ट्रेडिंग को प्रभावी जोखिम प्रबंधन साधन के रूप में बढ़ावा देंगी।

महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे प्रमुख कॉटन उत्पादक राज्यों में जागरूकता और अपनाने से जुड़े कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।


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