All India Seafood Exporters’ Association के पवन कुमार के मुताबिक, कई अमेरिकी खरीदारों के पास अब भी वह महंगा स्टॉक मौजूद है जिसे उन्होंने पहले ऊंचे टैरिफ के दौरान खरीदा था। अतिरिक्त क्षमता को लेकर उठी चिंताओं के जवाब में भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने प्रभावित उद्योगों से विस्तृत डेटा जुटाया है, जिसमें उत्पादन क्षमता, वैश्विक वैल्यू चेन एकीकरण, नीतिगत समर्थन और रोजगार संबंधी जानकारी शामिल है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि घरेलू टेक्सटाइल क्षेत्र वैश्विक बाजार में किसी तरह की विकृति पैदा नहीं करता।