Recent News

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 13 पैसे गिरकर ₹95.96 पर बंद हुआ।

गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 13 पैसे कमजोर हुआ और ₹95.96 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।घरेलू करेंसी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ₹95.83 पर खुली और पूरे ट्रेडिंग सेशन के दौरान इसमें उतार-चढ़ाव होता रहा। आखिर में यह शुरुआती स्तर से 13 पैसे गिरकर ₹95.96 पर बंद हुई।बंद होने के समय, सेंसेक्स 1,247.71 अंक या 1.67 प्रतिशत गिरकर 73,580.54 पर था, और निफ्टी 383.70 अंक या 1.64 प्रतिशत गिरकर 23,063.10 पर था। लगभग 1400 शेयरों में बढ़त हुई, 2772 शेयरों में गिरावट आई, और 169 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।और पढ़ें :- मानसून विदाई में पूर्व-मध्य भारत में ज्यादा बारिश

मानसून विदाई में पूर्व-मध्य भारत में ज्यादा बारिश

मॉनसून के अंतिम दौर में पूर्वी और मध्य भारत में अधिक बारिश की संभावना, अल नीनो 2027 तक रहने का अनुमाननई दिल्ली: मॉनसून की वापसी के अंतिम चरण में पूर्वी और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। डोलाट कैपिटल की एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत से मॉनसून की वापसी के साथ इसके अंतिम हफ्तों में पूर्वी और मध्य भारत में अधिक बारिश हो सकती है। रिपोर्ट में अल नीनो के मजबूत होने और इसके 2027 तक बने रहने का अनुमान भी जताया गया है।रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश की स्थिति में सबसे अधिक सुधार हुआ है। यहां बारिश की कमी पिछले सप्ताह के 29% से घटकर 27% रह गई। दक्षिणी प्रायद्वीप में भी सुधार दर्ज किया गया और बारिश की कमी 28% से घटकर 26% हो गई। मध्य भारत में बारिश की कमी करीब 6% पर स्थिर रही, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में यह 9% से बढ़कर 10% हो गई। अखिल भारतीय स्तर पर बारिश की कमी 15% पर बनी रही।इस बीच, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। लैंडफॉल से पहले इसके और मजबूत होने की संभावना है। इससे पूर्वी और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।कृषि क्षेत्र में 18 सितंबर तक खरीफ फसलों की कुल बुआई 1,103.9 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई। पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कुल कमी 15.1 लाख हेक्टेयर रह गई, जो पिछले सप्ताह की 16 लाख हेक्टेयर की कमी से कम है।इस सीजन में पहली बार तिलहन की बुआई का रकबा पिछले साल से थोड़ा अधिक हुआ, जबकि दलहन की बुआई लगभग स्थिर रही। चावल की बुआई अभी भी पीछे है। इसका रकबा 429.3 लाख हेक्टेयर रहा, जबकि पिछले साल यह 445.9 लाख हेक्टेयर था। इस तरह कमी 17.0 लाख हेक्टेयर से घटकर 16.6 लाख हेक्टेयर रह गई। कपास का रकबा 109.6 लाख हेक्टेयर रहा, जबकि पिछले साल यह 110.6 लाख हेक्टेयर था। यानी कपास की बुआई में 1 लाख हेक्टेयर की कमी रही।गन्ना, जूट और मेस्टा के रकबे में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। मध्य और पश्चिमी भारत में जलाशयों का जलस्तर 10 साल के औसत से ऊपर बना रहा, जबकि दक्षिणी प्रायद्वीप बुआई की प्रगति और जलाशयों के स्तर दोनों में पीछे रहा।डोलाट कैपिटल के अनुसार, अल नीनो काफी मजबूत हो गया है और यह रिकॉर्ड की सबसे मजबूत घटनाओं में से एक बन सकता है। रिपोर्ट में इसके 2027 तक बने रहने का अनुमान जताया गया है।और पढ़ें :- महाराष्ट्र में सूखे जैसे हालात, किसानों को राहत

महाराष्ट्र में सूखे जैसे हालात, किसानों को राहत

सूखे जैसे हालात से महाराष्ट्र में बढ़ी चिंता, किसानों के लिए तुरंत राहत का ऐलानमहाराष्ट्र के कई हिस्सों में कमजोर मानसून और लंबे समय तक बारिश में कमी के कारण सूखे जैसे हालात बन गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि राज्य सरकार केंद्र से आर्थिक सहायता मिलने का इंतजार किए बिना प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देगी। उन्होंने बताया कि सूखा-निवारण से जुड़े उपायों की पहली अधिसूचना शनिवार तक जारी की जाएगी।मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल नुकसान का आकलन करने के लिए 23 सितंबर से पंचनामे शुरू किए जाएंगे। पहले यह प्रक्रिया 5 अक्टूबर से शुरू होने वाली थी, लेकिन नुकसान की गंभीरता को देखते हुए इसे आगे कर दिया गया है। मौजूदा स्थिति में सोयाबीन, मक्का और कपास की फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है। इसके अलावा कोंकण क्षेत्र में धान की फसल भी प्रभावित हुई है।राहत के लिए कैबिनेट उपसमिति गठितकिसानों को राहत देने और स्थिति के आधार पर तेजी से फैसले लेने के लिए सरकार ने राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे की अध्यक्षता में कैबिनेट उपसमिति गठित की है। समिति को कैबिनेट के समान अधिकार दिए गए हैं और मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल इसके सचिव होंगे। समिति हर सप्ताह प्रभावित क्षेत्रों से मिलने वाली रिपोर्ट की समीक्षा करेगी। हालांकि, बड़े नीतिगत फैसले राज्य मंत्रिमंडल के स्तर पर ही लिए जाएंगे।प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे मुख्यमंत्री और मंत्रीफडणवीस ने कहा कि वह 23 सितंबर से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। मंत्री और जनप्रतिनिधि भी प्रभावित इलाकों में जाकर किसानों से बातचीत करेंगे और जमीनी स्थिति का जायजा लेंगे। पंचनामों और फसल नुकसान के सर्वेक्षण के आधार पर आगे की राहत प्रक्रिया तय की जाएगी।राज्य सरकार केंद्र से आर्थिक सहायता लेने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) के नियमों के तहत अलग प्रस्ताव तैयार करेगी। इसका मतलब है कि केंद्र से सहायता अभी मंजूर नहीं हुई है। सरकार ने पीने के पानी और पशुओं के चारे को प्राथमिकता देने की बात कही है। स्थानीय निकायों के साथ समन्वय कर अगले 7 से 8 महीनों के लिए पानी और चारे की व्यवस्था की योजना बनाई जाएगी।और पढ़ें :- डॉलर के मुकाबले रुपया 9 पैसे की कमजोरी के साथ 95.83 पर खुला।

कपास किसानों के लिए ₹45.49 करोड़ की अतिरिक्त मदद

महाराष्ट्र: पचोरा-भडगांव के कपास किसानों को ₹45.49 करोड़ की अतिरिक्त सहायताजलगांव, महाराष्ट्र: सितंबर 2025 में हुई अतिवृष्टि से कपास की फसल को नुकसान पहुंचने वाले जलगांव जिले के पचोरा और भडगांव तालुका के किसानों को अब अतिरिक्त सहायता मिलेगी। महाराष्ट्र सरकार ने दोनों तालुकों के लिए कुल ₹45 करोड़ 48 लाख 76 हजार, यानी करीब ₹45.49 करोड़ की अतिरिक्त सहायता मंजूर की है। इस संबंध में शासन निर्णय जारी किया गया है।अतिवृष्टि के बाद तैयार किए गए शुरुआती पंचनामों में कुछ प्रभावित जमीनों को जिरायती भूमि के रूप में दर्ज किया गया था। इसके चलते संबंधित किसानों को ₹8,500 प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता मिली। बाद में इन जमीनों को सिंचित (बागायती) भूमि के रूप में दर्ज किया गया। इसके अनुसार सहायता की दर ₹17,000 प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई। अब दोनों दरों के बीच का अंतर किसानों को अतिरिक्त सहायता के रूप में दिया जाएगा।किशोर पाटिल ने उठाया मामलापचोरा-भडगांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक किशोर पाटिल ने किसानों को उचित सहायता दिलाने के लिए यह मामला सरकार के सामने उठाया। इसके बाद संशोधित पंचनामे और रिपोर्ट तैयार की गई। विधायक ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सुनेत्रा पवार और राहत एवं पुनर्वास मंत्री मकरंद जाधव के समक्ष मुलाकात और पत्राचार के जरिए किसानों की मांग रखी। इसके बाद मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक में अतिरिक्त सहायता को मंजूरी दी गई।पचोरा को ₹27.23 करोड़, भडगांव को ₹18.26 करोड़पचोरा तालुका के लिए ₹27 करोड़ 22 लाख 92 हजार मंजूर हुए हैं। इसमें 0 से 2 हेक्टेयर की सीमा में 31,176 हेक्टेयर प्रभावित क्षेत्र के लिए ₹26.50 करोड़ और 2 से 3 हेक्टेयर की अतिरिक्त सीमा में 857 हेक्टेयर के लिए ₹72.90 लाख शामिल हैं।भडगांव तालुका के लिए ₹18 करोड़ 25 लाख 84 हजार मंजूर किए गए हैं। इसमें 0 से 2 हेक्टेयर की सीमा में 17,184 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए ₹14 करोड़ 60 लाख 67 हजार और 2 से 3 हेक्टेयर की अतिरिक्त सीमा में 4,296 हेक्टेयर के लिए ₹3 करोड़ 65 लाख 17 हजार शामिल हैं।मंजूर सहायता किसानों के बैंक खातों में DBT के माध्यम से सीधे जमा की जाएगी। साथ ही, प्राकृतिक आपदा के तहत मिलने वाली राहत राशि का इस्तेमाल बकाया ऋण की वसूली के लिए न करने के निर्देश दिए गए हैं।और पढ़ें :- भारतीय रुपया 18 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.74 पर बंद हुआ।

यवतमाल में सूखे जैसे हालात, कपास-सोयाबीन प्रभावित

यवतमाल में सूखे जैसे हालात, सोयाबीन-कपास की फसलें प्रभावित; किसानों ने मांगी तत्काल राहतयवतमाल: महाराष्ट्र के यवतमाल जिले, खासकर पुसद तहसील में बारिश की कमी से सूखे जैसे हालात बन गए हैं। कम बारिश का असर सोयाबीन और कपास की फसलों पर पड़ा है। किसानों के अनुसार, कई खेतों में फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। सितंबर में ही ऐसी स्थिति बनने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें आने वाले समय में पानी, चारे और रोजगार के संकट की भी आशंका है।किसान मनीष जाधव ने बताया कि लगातार तीन वर्षों से फसल खराब होने के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है। उनके अनुसार, सोयाबीन और कपास की फसलें प्रभावित होने से किसानों के साथ खेत मजदूरों के सामने भी रोजगार का संकट पैदा हो रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ मजदूर काम की तलाश में दूसरे क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं। जाधव ने प्रभावित किसानों को बिना कठिन शर्तों के प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये की तत्काल राहत और फसल बीमा का लाभ देने की मांग की।किसान दुर्गादास राठौड़ ने बताया कि उन्होंने सोयाबीन की खेती पर प्रति एकड़ करीब 20 से 25 हजार रुपये खर्च किए हैं। उनके अनुसार, फसल को हुए नुकसान के कारण खेती की लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने परिवार का खर्च चलाने, बच्चों की पढ़ाई और मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। राठौड़ ने सरकार से किसानों को मुआवजा देने की मांग की।किसान सचिन सखरे ने कहा कि खेती का काम प्रभावित होने से खेत मजदूरों के सामने भी रोजगार का संकट बढ़ रहा है। उनके अनुसार, कुछ परिवार रोजगार की तलाश में शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं।वहीं, किसान आदित्य जाधव ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत और आवश्यक कदम उठाने की मांग की। किसानों का कहना है कि मौजूदा स्थिति में केवल आश्वासन के बजाय आर्थिक सहायता और फसल बीमा का लाभ जरूरी है।और पढ़ें :- डॉलर के मुकाबले रुपया 3 पैसे की बढ़त के साथ 95.56 पर खुला।

उनावा में कपास नीलामी शुरू, भाव ₹2,525

गुजरात के उनावा मार्केट में कपास की नीलामी शुरू, ₹2,525 तक पहुंचा भावगुजरात: उंझा के पास स्थित उनावा मार्केट यार्ड में कपास की नीलामी शुरू हुई। पहले दिन 100 मन कपास की आवक दर्ज की गई। नीलामी के दौरान कपास का अधिकतम भाव ₹2,525 प्रति मन रहा, जबकि न्यूनतम भाव ₹1,500 प्रति मन दर्ज किया गया।नीलामी के दौरान उनावा APMC के चेयरमैन प्रकाशभाई पटेल अन्य निदेशकों के साथ मौजूद रहे।कपास के अलावा मार्केट यार्ड में अन्य कृषि जिंसों की भी नीलामी की गई। अरंडी बीज (कैस्टर सीड्स) की कुल 341 बोरियों की आवक दर्ज हुई। अरंडी बीज का भाव ₹1,500 से ₹1,525 प्रति मन के बीच रहा।वहीं, सरसों के बीज की भी नीलामी हुई। सरसों के कुल 12 बोरे आए और इनका भाव ₹1,480 प्रति मन दर्ज किया गया।उनावा मार्केट यार्ड में कपास की नीलामी के पहले दिन कपास के साथ अरंडी बीज और सरसों की भी नीलामी हुई।उपलब्ध जानकारी में कपास की किस्म, गुणवत्ता और नीलामी की सटीक तारीख का उल्लेख नहीं है। इसलिए खबर में इनसे संबंधित कोई अतिरिक्त अनुमान या दावा शामिल नहीं किया गया है।और पढ़ें :- अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 16 पैसे मजबूत होकर ₹95.59 पर बंद हुआ

Related News

Youtube Videos

Cotton Rate Today 😱 | आज के कपास के भाव | 13 October 2026 #cotton
Cotton Rate Today 😱 | आज के कपास के भाव | 13 October 2026 #...
कपास की कीमतों में उछाल 😱 CCI ने बढ़ाए ₹500 प्रति कैंडी | Cotton Market Rate Today 12 Oct 2026
कपास की कीमतों में उछाल 😱 CCI ने बढ़ाए ₹500 प्रति कैंडी | C...
साप्ताहिक कपास बाज़ार में तेज़ी 😱 | CCI रुई गठानें बिक्री रिपोर्ट | Weekly Cotton Market 10 Oct 2026
साप्ताहिक कपास बाज़ार में तेज़ी 😱 | CCI रुई गठानें बिक्री र...

Circular

title Created At Action
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 13 पैसे गिरकर ₹95.96 पर बंद हुआ। 24-09-2026 15:52:54 view
मानसून विदाई में पूर्व-मध्य भारत में ज्यादा बारिश 24-09-2026 13:05:34 view
महाराष्ट्र में सूखे जैसे हालात, किसानों को राहत 24-09-2026 12:53:11 view
डॉलर के मुकाबले रुपया 9 पैसे की कमजोरी के साथ 95.83 पर खुला। 24-09-2026 09:47:57 view
कपास किसानों के लिए ₹45.49 करोड़ की अतिरिक्त मदद 23-09-2026 16:44:55 view
भारतीय रुपया 18 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.74 पर बंद हुआ। 23-09-2026 15:44:54 view
यवतमाल में सूखे जैसे हालात, कपास-सोयाबीन प्रभावित 23-09-2026 13:47:25 view
डॉलर के मुकाबले रुपया 3 पैसे की बढ़त के साथ 95.56 पर खुला। 23-09-2026 09:47:06 view
उनावा में कपास नीलामी शुरू, भाव ₹2,525 22-09-2026 17:19:57 view
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 16 पैसे मजबूत होकर ₹95.59 पर बंद हुआ 22-09-2026 15:46:44 view
CCI कपास भाव घटे, बिक्री 94.29 लाख गांठ 22-09-2026 12:54:35 view
Application Download
Whatsapp Contact