बारिश से बड़वानी में कपास जलमग्न

2026-09-15 13:32:04
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बड़वानी: बारिश से 100 एकड़ कपास जलमग्न, किसानों ने मांगा मुआवजा

बड़वानी। लंबे इंतजार के बाद हुई बारिश ने जहां किसानों को राहत दी, वहीं अंजड़ क्षेत्र के किसानों के लिए यह बारिश परेशानी का कारण बन गई। रातभर हुई बारिश के बाद क्षेत्र के कई खेतों में करीब दो फीट तक पानी भर गया। खेतों में खड़ी कपास की फसल पानी में डूब गई है। किसानों को 100 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फसल खराब होने की आशंका है।

जलभराव से बढ़ी किसानों की चिंता

किसान कमल सिंह सोलंकी ने बताया कि यदि दो-तीन दिन तक खेतों से पानी नहीं निकला और इसके बाद तेज धूप निकल गई, तो कपास की फसल खराब होने की आशंका बढ़ जाएगी। किसानों के अनुसार, जलभराव के कारण बड़ी मात्रा में कपास की फसल प्रभावित हुई है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन प्रशासनिक सर्वे के बाद ही हो सकेगा।

चार महीने की मेहनत पर संकट

किसान अनशुल पाटीदार ने बताया कि सड़क के आसपास उनकी करीब 40 एकड़ जमीन है। चार महीने की मेहनत के बाद कपास की फसल तैयार हुई थी, लेकिन बारिश का पानी खेतों में भरने से फसल खराब होने का खतरा पैदा हो गया है। किसानों का कहना है कि पहले से आर्थिक परेशानियों के बीच यदि फसल खराब हुई तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से खेतों में भरा पानी

किसानों के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाला बारिश का पानी इन्हीं खेतों से होकर गुजरता है। पानी की पर्याप्त निकासी नहीं होने के कारण यह खेतों में जमा हो रहा है। किसानों का आरोप है कि पारंपरिक जल निकासी के रास्ते को पाले बनाकर रोक दिया गया है, जिससे जलभराव की स्थिति पैदा हो रही है।

सर्वे और मुआवजे की मांग

किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराने, उचित मुआवजा देने और स्थायी जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि पारंपरिक जल निकासी मार्ग को खुला रखा जाए, ताकि भविष्य में खेतों में पानी जमा न हो।

फिलहाल किसानों की नजर प्रशासन के सर्वे पर है। पानी कब तक निकलता है और कपास की फसल को कितना नुकसान हुआ है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।


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