ब्रिक्स सहयोग से बढ़ सकती है भारत की टेक्सटाइल निर्यात क्षमता
2026-06-20 12:05:11
BRICS के साथ मजबूत संबंध भारत के टेक्सटाइल निर्यात को दे सकते हैं नई ऊंचाई
BRICS देशों के साथ बढ़ता आर्थिक सहयोग भारत के टेक्सटाइल और परिधान निर्यात के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है। FY2024 में BRICS देशों को भारत का टेक्सटाइल एवं परिधान निर्यात बढ़कर ₹36,535 करोड़ (US$3.87 बिलियन) हो गया था। हालांकि FY2025 में यह मामूली रूप से घटकर ₹34,647 करोड़ (US$3.67 बिलियन) रहा। वहीं, BRICS देशों से इस क्षेत्र का आयात 6.9% बढ़कर ₹36,854 करोड़ (US$3.90 बिलियन) पहुंच गया, जो इस समूह की भारत के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदार के रूप में भूमिका को दर्शाता है।
ASSOCHAM ग्लोबल स्ट्रैटेजी एंड रिसर्च सेंटर की एक अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार, भारत अपनी बढ़ती विनिर्माण क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता के दम पर ‘BRICS Plus’ ढांचे के तहत सदस्य देशों को निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और FY2021-FY2026 के दौरान 7% से अधिक की औसत वार्षिक आर्थिक वृद्धि दर्ज कर चुका है।
ASSOCHAM का मानना है कि व्यापार एवं निवेश, आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण, औद्योगिक सहयोग, डिजिटल अर्थव्यवस्था, हरित विकास और सीमा शुल्क समन्वय जैसे क्षेत्रों में गहरा सहयोग BRICS देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत बना सकता है। इससे समूह वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में अधिक प्रभावशाली भूमिका निभा सकेगा।
FY2026 में BRICS देशों को भारत का कुल निर्यात लगभग US$96 बिलियन तक पहुंच गया। चैंबर का अनुमान है कि उपयुक्त नीतिगत समर्थन और मजबूत दक्षिण-दक्षिण सहयोग के जरिए यह आंकड़ा 2030 तक US$200 बिलियन से अधिक हो सकता है। रिपोर्ट में टेक्सटाइल, चमड़ा, इंजीनियरिंग उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक्स और खाद्य उत्पादों को उच्च निर्यात क्षमता वाले प्रमुख क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया है।