कपास की कीमतें ₹10,000 के करीब, उत्पादन में कमी की आशंका से खुले बाजार में तेजी
जलगांव, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के जलगांव सहित खानदेश क्षेत्र में कपास उत्पादन घटने की आशंका के बीच खुले बाजार में कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। स्थानीय बाजार की रिपोर्ट के अनुसार, निजी व्यापारी अच्छी गुणवत्ता वाले कपास की खरीद ₹9,000 से ₹9,600 प्रति क्विंटल के भाव पर कर रहे हैं। बाजार से जुड़े लोगों का अनुमान है कि आवक सीमित रहने और मांग मजबूत बनी रहने पर कपास की कीमतें ₹10,000 प्रति क्विंटल के स्तर तक पहुंच सकती हैं।
बारिश की कमी से कपास की फसल प्रभावित
इस वर्ष खरीफ सीजन में मानसून की देरी और पर्याप्त बारिश नहीं होने से कपास की फसल प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। नमी की कमी के कारण पौधों में फूल और टिंडों का विकास प्रभावित हुआ है। इससे क्षेत्र में कपास उत्पादन घटने की आशंका बढ़ गई है।
स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे अनुमानों के अनुसार, समय पर बोई गई कपास की फसल से प्रति एकड़ चार से पांच क्विंटल उत्पादन हो सकता है। वहीं, कुछ वर्षा आधारित क्षेत्रों में पैदावार काफी कम रहने की आशंका जताई जा रही है।
निजी व्यापारियों ने कपास की खरीद बढ़ाई
उत्पादन में संभावित कमी को देखते हुए निजी व्यापारियों ने गांवों से सीधे कपास की खरीद तेज कर दी है। खुले बाजार में ₹9,000 प्रति क्विंटल से अधिक भाव मिलने से किसानों को बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, उत्पादन कम होने की स्थिति में ऊंची कीमतों के बावजूद किसानों की कुल आय प्रभावित हो सकती है।
जिनिंग उद्योग को कच्चे माल की कमी की चिंता
खानदेश जिनिंग ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप जैन के अनुसार, कपास उत्पादन में कमी के कारण जिनिंग इकाइयों को कच्चे माल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कच्चे कपास के भाव ₹9,000 प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं, जबकि प्रसंस्कृत कपास की कीमत लगभग ₹67,000 प्रति कैंडी हो गई है।
बाजार में कीमतें मजबूत रहने से किसानों की उम्मीदें बढ़ी हैं। हालांकि, आने वाले दिनों में कपास की वास्तविक आवक, गुणवत्ता और मांग के आधार पर कीमतों की दिशा तय होगी।
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