मानसून ने पकड़ी रफ्तार, महाराष्ट्र से मध्य भारत तक बढ़ी सक्रियता; कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मुंबई, 22 जून: करीब दो हफ्तों की रुकावट के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। अब इसके मध्य भारत की ओर आगे बढ़ने के लिए मौसम परिस्थितियां अनुकूल हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों और कर्नाटक के शेष क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में इसके मुंबई समेत मध्य और पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में सक्रिय होने की संभावना है।
मानसून भारत की अर्थव्यवस्था और कृषि के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जून से सितंबर के बीच होने वाली बारिश देश की कुल वार्षिक वर्षा का करीब 70 फीसदी हिस्सा होती है। लगभग आधी कृषि भूमि सिंचाई सुविधाओं से वंचित होने के कारण मानसूनी बारिश किसानों के लिए जीवनरेखा मानी जाती है।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से महाराष्ट्र में मानसून की प्रगति करीब दो हफ्तों तक धीमी रही थी, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। इस सप्ताह महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और ओडिशा के मध्य हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है। अगले सप्ताह पश्चिमी तट, कर्नाटक और तेलंगाना में बारिश के और सक्रिय होने का अनुमान है।
IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। पूर्वोत्तर भारत, पश्चिमी तट और दक्षिण भारत के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, सिक्किम, कर्नाटक, केरल, कोंकण-गोवा और तेलंगाना में तेज बारिश हो सकती है।
दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान का अनुमान है। दिल्ली में 22 से 25 जून के बीच बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है, जिससे गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है। मानसून के 25 से 30 जून के बीच दिल्ली पहुंचने का अनुमान है।
हालांकि, जून के पहले 21 दिनों में देश में सामान्य से करीब 42 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और तेज हवाओं से नुकसान जैसी स्थिति बन सकती है।