राजस्थान: भाखड़ा नहर प्रणाली से आज से सिंचाई पानी, कपास-नरमा की बुवाई को मिलेगी रफ्तार
हनुमानगढ़ जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। भाखड़ा नहर प्रणाली से गुरुवार से सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति शुरू हो गई है। जल संसाधन विभाग ने भाखड़ा प्रणाली का नया रोटेशन जारी करते हुए 21 से 29 मई तक का साप्ताहिक वरीयताक्रम घोषित किया है। इसके तहत 1200 क्यूसेक क्षमता वाली नहरों को पूरी क्षमता से चलाया जाएगा, जबकि छोटी नहरों में तय क्षमता के अनुसार पानी छोड़ा जाएगा।
विभाग के अनुसार रतनपुरा नहर में 42 क्यूसेक, नाथवाना में 73, प्रतापपुरा में 248, हरिपुरा में 261, दीनगढ़ में 274 और सूरतपुरा में 283 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जाएगा। वहीं मोडिया, लोंगवाला, पीलीबंगा, अमरपुरा और रोड़ांवाली जैसी प्रमुख नहरों में भी पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ा जाएगा। सबसे अधिक 2222 क्यूसेक पानी संगरिया नहर में प्रवाहित होगा।
अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक नहर को आठ दिन तक पूरी क्षमता से चलाने के बाद बंद किया जाएगा। यदि पानी के स्तर में बदलाव होता है तो संबंधित अधिकारियों से चर्चा के बाद रेगुलेशन में आवश्यक परिवर्तन किए जाएंगे।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान समय नरमा और कपास की बुवाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी और पानी की कमी के कारण किसानों को खेत तैयार करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अब नहरों में पानी आने से बुवाई कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
किसानों ने उम्मीद जताई है कि यदि आने वाले दिनों में पानी की आपूर्ति नियमित बनी रही तो कपास, नरमा और अन्य खरीफ फसलों का उत्पादन बेहतर होगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ने से लोगों को गर्मी से भी राहत मिलेगी।
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